घायलों को पीजीआई से निजी अस्पताल में ले जाते परिजन।
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एक दिन पहले प्रदेश के राज्यपाल के कार्यक्रम के बाद एमडीयू में बलियाना के युवक अमित उर्फ मोनू ने अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने देर रात रिठाल गांव के युवक विजय की शिकायत पर खेड़ी महम निवासी दीपक, बलियाना निवासी अमित उर्फ मोनू के अलावा विकास फौजी सहित चार के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया। देर रात पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी भी की, लेकिन कोई हाथ नहीं आ सका।
पुलिस के मुताबिक रिठाल नरवाल निवासी विजय ने दी शिकायत में बताया कि माडल टाउन में वह एकेडमी चलाता है। उसका खेड़ी महम निवासी दीपक के साथ पैसे के लेनदेन का विवाद चल रहा है। उसे दीपक से पैसे लेने हैं, लेकिन वह बार-बार समय देकर टाल मटोल कर रहा है। शनिवार शाम चार बजे दीपक ने उसे पैसे का हिसाब करने की बात कही। शाम करीब साढ़े पांच बजे उसके पास आसन निवासी सुशील हुड्डा का फोन आया। कहा कि आप एमडीयू में आ जाओ।
पुलिस ने बताया कि लाइब्रेरी के पास पहले से दीपक, बलियाना निवासी अमित उर्फ मोनू, विकास फौजी व एक अन्य युवक मौजूद था। सभी गाड़ी में बैठकर बातचीत करने लगे। अमित ने कहा कि दीपक पैसे नहीं देगा। यह कहकर उसे गाड़ी से नीचे उतार दिया। इसी बीच विकास उर्फ फौजी ने उसे रोक लिया। बोला, जाओ मत, एक बार बात करके बताते हैं।
पुलिस ने बताया कि उसने नजदीक बैठकर परिचित झज्जर के खेड़ी आसरा निवासी हर्ष को बुला लिया। साथ में हर्ष का दोस्त विदित व आसन निवासी कुलदीप भी आ गए। सभी आपस में बातचीत कर रहे थे। सुशील हुड्डा भी उनके पास आकर खड़ा हो गया। अचानक गोलियां चलनी शुरू हो गईं। उसने देखा कि अमित उर्फ मोनू उनके ऊपर गोलियां चला रहा था। गोली सुशील के हाथ व कुलदीप के पैर में लगीं।
आरोपी सफेद रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर एमडीयू के गेट नंबर एक की तरफ भागने लगे। तभी हर्ष व विदिन ने कार में सवार होकर उनका पीछा किया। आरोपियों ने गेट नंबर एक के पास भी हर्ष व विदिन पर भी गोलियां चला दीं। दो गोली हर्ष व एक विदित को लगी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।