रोहतक। रोडवेज कर्मचारी 14 व 15 फरवरी को सभी बस अड्डों पर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। इससे पहले भी दो दिन तक चले अभियान में प्रदेश के 15 लाख यात्रियों ने हस्ताक्षर किए थे, जो सरकार को भेजे जा चुके हैं। वहीं 16 फरवरी को डिपो में चक्का जाम रहेगा। इससे यात्रियों को बसें न मिलने से अपने गंतव्य पर जाने के लिए रेलवे स्टेशनों का रुख करना पड़ेगा। शनिवार को हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद और संचालन महासचिव सुमेर सिवाच ने किया।
उन्होंने बताया कि साझा मोर्चा प्रतिनिधिमंडल परिवहन मंत्री, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव से मिल चुका है और उनको मांगों से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है, न ही मांगों पर कोई अमल किया गया है। इसलिए सरकार के इस रवैये के खिलाफ अब आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाएंगे। इस अवसर पर शिवकुमार श्योराण, सुशील इक्कस, रमेश श्योकंद, पवन शर्मा, जयकुंवार दहिया, राजकुमार चौहान, नरेंद्र सांगा व जुबैर खान, सूबे सिंह धनाणा, कृष्ण कुमार उंण, संजय सोनीपत, कृष्णा गुलानी ,जयबीर तालू, सुरेंद्र नरवाना समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
यह हैं कर्मचारियों की मांगें
परिचालकों और लिपिकों का वेतनमान 35,400 किया जाए। अर्जित अवकाश में कटौती का पत्र वापस लेकर पहले की तरह अवकाश लागू करें। पुरानी पेंशन बहाली, जोखिम भत्ता देने पर सरकार गंभीर नहीं है। बेड़े में 10 हजार बसों को शामिल किया जाए, ताकि 60 हजार को रोजगार मिल सके। 2016 को भर्ती चालकों सहित कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। वर्कशॉप सहित सभी श्रेणियों में खाली पड़े रिक्त पदों को स्थायी भर्ती करके भरा जाए। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरबत सिंह पूनिया ने सरकार की वादाखिलाफी व कर्मचारी विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की।