नए बस स्टैंड परिसर में बैठक करते रोडवेज कर्मी। संवाद
रोहतक। नई अनाज मंडी में 4 फरवरी को सर्व कर्मचारी संघ की तरफ से 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशस्तरीय आक्रोश रैली होने जा रही है। इसमें रोडवेज के कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। वहीं हिट एंड रन कानून के खिलाफ 16 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान रोडवेज का चक्का जाम भी रहेगा। वीरवार को सर्व कर्मचारी संघ की राज्य कमेटी की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसकी अध्यक्षता राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद व संचालन महासचिव सुमेर सिवाच ने किया।
राज्य महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि सरकार द्वारा बार-बार की जा रही वादाखिलाफी व टरकाऊ रवैये से कर्मचारियों में भारी रोष है। सरकार व विभाग के उच्चाधिकारी रोडवेज कर्मचारियों की मांगों के लिए गंभीर नहीं है। रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर सरकार की वादाखिलाफी का जवाब देने के लिए 16 फरवरी की राष्ट्रीय हड़ताल की सफलता के लिए डिपो में गेट मीटिंग अभियान शुरू किया जाएगा। साझा मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल परिवहन मंत्री, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव से मिल चुका है। उनको मांगों से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है और न ही मांगों पर कोई अमल किया गया है। इसलिए सरकार के इस रवैये के खिलाफ अब आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाएंगे।
यह है कर्मचारियों की मुख्य मांगें
परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान 35400 रुपये किया जाए, चालक, परिचालक, निरीक्षक, उप निरीक्षक, कर्मशाला के कर्मचारियों के देय अर्जित अवकाश कटौती के बारे में जारी आदेशों को वापस लिया जाए, नई पेंशन नीति को बंद करके पुरानी पेंशन नीति को लागू किया जाए, लंबे समय से लंबित लिपिकों व टिकट वेरिफायर की प्रमोशन शीघ्र की जाए, डिपो स्तर पर कार्यालय में सांख्यिकी सहायक, सहायक लेखाकार, जूनियर ऑडिटर के पदों से कार्यालय अधीक्षक के पद पर प्रमोशन का अनुभव 12 वर्ष की बजाय 5 वर्ष किया जाए, ट्रांसपोर्ट रूल 1995 में संशोधन करके मुख्यालय व क्षेत्रीय डिपो में कार्यरत लिपिकों की सीनियरिटी एक की जाए।