बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर गड्ढों में पड़े कीचड़ पर ही दोबारा डाली जा रही परत। संवाद
गन्नौर। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) की ओर से बड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में किए जा रहे सड़क निर्माण में लापरवाही देखने के लिए मिल रही है। ठेकेदार सड़क में हुए गड्ढों में भरे कीचड़ के ऊपर ही परत बिछाने का काम शुरू कर दिया है। जिसके चलते बड़ी औद्योगिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों में रोष है।
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 की सड़कें काफी समय से जर्जर हैं। सड़कों में गहरे गड्ढे हो चुके हैं और उनमें दूषित पानी हर समय भरा रहता है, जिससे उद्योगपतियों व फैक्टरी में आने-जाने वाले वाहन चालकों के साथ श्रमिकों को परेशानी हो रही है। जिसके चलते 10 दिन पहले ही एचएसआईआईडीसी की ओर से फेज 1 में 11 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण शुरू करवाया गया था। आरोप है कि ठेकेदार ने बारिश के बाद गड्ढों में भरे कीचड़ के सूखने से पहले ही सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया है। बड़ी औद्योगिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को दी है। जिस पर अधिकारियों ने ठेकेदार का काम रुकवा कर सड़क पर दोबारा परत बिछाने के आदेश दिए हैं। इस पर ठेकेदार ने नए सिरे से परत बिछाने का काम शुरू कर दिया है।
कीचड़ सूखने का इंतजार नहीं किया
एमएसएमई औद्योगिक एसोसिएशन बड़ी के प्रधान नवीन कौशिक ने बताया कि गत दिनों हुई तेज बारिश के कारण सड़क के गड्ढों में पानी भर गया और उनमें कीचड़ जमा हो गया, लेकिन ठेकेदार ने कीचड़ सूखने का इंतजार नहीं किया और उनके ऊपर ही कारकोल की परत बिछाने का काम शुरू कर दिया। जिससे आगे चल कर सड़क फिर से टूट जाएगी और उद्योगपतियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं ठेकेदार का कहना है कि सड़क निर्माण में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही। यदि रोड टूटता है तो तीन साल तक उसे ठीक करवाने की जिम्मेदारी भी उनकी है। विभाग के निर्धारित मापदंडों के आधार पर ही सड़क बनाई जा रही है।
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज 1 में सड़क निर्माण में लापरवाही का मामला संज्ञान में आया था। जिसके बाद ठेकेदार का काम रुकवा कर दोबारा परत बिछाने के आदेश दिए गए हैं। काम में कोताही किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -राजबीर देशवाल, कार्यकारी अभियंता, एचएसआईआईडीसी, बड़ी।
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर गड्ढों में पड़े कीचड़ पर ही दोबारा डाली जा रही परत। संवाद