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Rohtak News: रीतिका आज ओलंपिक में लगाएंगी दांव, दुआ के लिए उठे शहरवासियों के हाथ

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रोहतक। अपने जिले की लाडली बेटी और अंडर-23 में वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियन रीतिका खरकड़ा शनिवार को पहली बार ओलंपिक मेडल के लिए पेरिस में मैट पर उतरेगी। वह 76 किग्रा भारवर्ग में ओलंपिक कुश्ती में भाग लेने वाली देश की पहली खिलाड़ी है। रीतिका का शनिवार को पहला मुकाबला दोपहर बाद करीब 2:30 बजे हंगरी की पहलवान नेगी बी. के साथ होगा। इस मुकाबले के एक घंटे बाद अगला मैच खेला जाएगा। देशवासियों को रीतिका से कुश्ती में पदक की उम्मीदें हैं। परिवारवालों के साथ रोहतकवासियों ने रीतिका की जीत के लिए शुक्रवार के लिए दुआ मांगी।
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वर्तमान में अस्थल बोहर में रह रहे रीतिका के पिता जगबीर हुड्डा ने अमर उजाला को बताया कि बेटी के मैच को लाइव देखने के लिए घर में भी जोर-शोर से तैयारी चल रही है। शनिवार को मैच देखने में कोई बाधा न पड़े, इसलिए घर में बड़ी एलईडी लगा दी गई है। इस पर परिवार के साथ आसपास के लोग मैच का लुत्फ उठाएंगे। पिता का कहना है कि बेटी ने ओलंपिक मुकाबले के लिए जमकर पसीना बहाया है। बाकी सब भगवान के हाथ में हैं। रीतिका ने शुक्रवार को व्हाट्सएप कॉल पर पिता से बातचीत में कहा- पापा! मैं मुकाबले में पूरा दम लगा दूंगी और मेडल लेकर ही लौटूंगी। कोच मंदीप ने बेटी रीतिका की कुश्ती की जमकर तैयारी कराई है।



2015 से की थी कुश्ती की शुरुआत

रीतिका ने पहलवानी की शुरुआत वर्ष 2015 में की थी। इस बीच उन्होंने सब जूनियर एशिया, सब जूनियर वर्ल्ड, जूनियर एशियन, जूनियर वर्ल्ड, सीनियर वर्ल्ड, सीनियर एशियाई खेल में दमखम दिखाकर पदक जीते हैं। अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। रीतिका रोहतक के छोटूराम स्टेडियम अखाड़े में अभ्यास करती हैं। इस समय वह भारतीय नौसेना में ऑफिसर हैं।
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76 किग्रा भारवर्ग में कोटा दिलाने वाली पहली पहलवान

ओलंपिक में पहली बार भारत को हैवीवेट मुकाबले का कोटा दिलाने वाली रीतिका पहली महिला खिलाड़ी हैं। वह 76 किग्रा भारवर्ग के कुश्ती मुकाबले में उतरेंगी।


इसलिए रीतिका पदक की प्रबल दावेदार

रीतिका ने अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप के बाद इंटर यूनिवर्सिटी, खेलो इंडिया और महाराष्ट्र केसरी प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं। उन्होंने पटियाला में हुई एशियाई चैंपियनशिप और रैंकिंग टूर्नामेंट में उपविजेता बनकर पेरिस ओलंपिक हैवीवेट मुकाबले में कोटा हासिल किया है। कुश्ती मुकाबले में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।


मां तैयार कर रहीं बेसन की बर्फी

रीतिका की मां नीलम का कहना है कि बेटी को बेसन की बर्फी और चूरमा अधिक पसंद है। बेटी जैसे ही घर पहुंचेगी, उनके स्वागत में बेसन की बर्फी के साथ मुंह मीठा कराऊंगी। बेटी को चूरमा भी अधिक पसंद है। उनका सपना है कि बेटी गोल्ड मेडल जीतकर घर पहुंचे। शुक्रवार रात उन्होंने कहा कि खुशी है कि बेटी देश के लिए खेल रही है। देर रात तक घर में चहलकदमी थी, सभी को अगले दिन का सूरज निकलने का इंतजार है।
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रीतिका का मजबूत पक्ष



-76 किलो भारवर्ग में खेलने वाली पहली खिलाड़ी।



-प्रतिद्वंद्वी पहलवान को अटैक का मौका नहीं देतीं।



-आक्रामक खेल मुख्य प्लानिंग का हिस्सा।


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