रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज, फैकल्टी ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज व चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। स्वराज सदन में रिसर्च मैथोडोलॉजी विषय पर चल रही कार्यशाला के दूसरे दिन विद्वानों ने अपनी बातें रखीं। इसमें डीन, फैकल्टी ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज प्रो. हरीश दूरेजा, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के प्रो. प्रिंस शर्मा, केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ के प्रो. कांती प्रकाश शर्मा व चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट की निदेशिका प्रो. सोनिया मलिक शामिल रहीं।
प्रथम सत्र में प्रो. हरीश दूरेजा ने आईपीआर एंड पेटेंट विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकार को महत्वपूर्ण बताते हुए इसके विभिन्न पहलुओं से शोधार्थियों को अवगत कराया। प्रो. दूरेजा ने पेटेंट प्रक्रिया के बारे व्यावहारिक जानकारी साझा की। दूसरे सत्र में प्रो. प्रिंस शर्मा ने नेक्स्ट जेन माइक्रोबायोलोजी: ऑपरच्यूनिटीज फॉर बायो-एन्त्रोप्रोनियरस एंड स्टार्ट्अप्स विषय पर विस्तार से व्याख्यान दिया। डॉ. रीतू यादव व डाॅ. ऋतु पसरीजा ने इन दोनों सत्रों की अध्यक्षता की।
तीसरे सत्र में प्रो. कांती प्रकाश शर्मा ने न्यूट्रास्यूटिकल्स एंड फंक्शनल फूड डेवलपमेंट विषय पर अपनी बातें रखीं। चौथे सत्र में प्रो. सोनिया मलिक ने ट्रेट्स एंड स्किल्स: रोड मैप ऑफ सक्सेस फॉर बिकमिंग इफेक्टिव रिसर्च स्कॉलर विषय पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया। प्रो. जेएस लौरा व डाॅ. अजीत सिंह ने इन सत्रों की अध्यक्षता की। इस मौके पर कार्यशाला के कंवीनर प्रो. एससी मलिक, कार्यशाला कोआर्डिनेटर प्रो. विनीता शुक्ला व डाॅ. नीलकमल समेत फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज के शिक्षक और प्रतिभागी शोधार्थी उपस्थित रहे।
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