रोहतक। एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों को विधानसभा सत्र से एक दिन पहले सरकार ने बड़ी राहत दी है। पावर हाउस चौक स्थित विवेकानंद कॉप्लेक्स में दुकानदारों को 40 हजार रुपये प्रति वर्ग गज छूट मिलेगी। सरकार ने पहले दुकानों का रेट 2 लाख 40 हजार रुपये प्रति वर्ग गज तय किया था। साथ ही गांधी कैंप में दुकानदारों को जमीन का प्रति गज 1 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। सरकार के फैसले का ट्रैक से प्रभावित 37 दुकानदारों को फायदा होगा।
पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने बताया कि रेलवे मंत्रालय की ओर से 37 दुकानदारों की जमीन पर डिपार्टमेंट का कब्जा बताया गया था। इसके बाद इन दुकानदारों को राहत देते हुए स्पेशल केस बनाकर चंडीगढ़ भेजा गया। दुकानदारों के लिए पावर हाउस स्थित बिजली निगम की जमीन पर दुकानें बनाई गई है। जहां दुकानदारों को दुकान अलॉट की जाएगी। पहले दुकानदारों को 2 लाख 40 हजार रुपए प्रति वर्ग गज का रेट निर्धारित किया गया था। पिछले दिनों दुकानदारों ने उनसे मुलाकात की थी और इस मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शहरी निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता से चर्चा की थी। सरकार द्वारा 37 दुकानदारों को निर्धारित मूल्य में छूट देने का फैसला लिया है। अब दुकानदारों को 40 हजार रुपए प्रति वर्ग गज की छूट मिलेगी। पहले 2 लाख 40 हजार रुपए प्रति वर्ग गज रेट तय किया गया था जो कि दुकानदारों द्वारा नगर निगम में जमा करवाया जाना था।
राज्य सरकार के फैसले पर डिप्टी मेयर अनिल कुमार, पार्षद राधेश्याम ढल, पार्षद मुक्ता नागपाल, पार्षद डिंपल जैन, पार्षद सूरजमल किलोई, पार्षद सुरेश किराड़, पार्षद तिलक राज, पार्षद कृष्ण सहरावत ने सरकार के फैसले पर खुशी जाहिर की है। पूर्व पार्षद अशोक खुराना का कहना है कि मुख्यमंत्री ने विस्थापित लोगों की पीड़ा को समझा है। उनको हक दिया, जिसके वे हकदार थे। लोगों ने भी लंबे समय तक हक के लिए संघर्ष किया।