रोहतक। उपायुक्त अजय कुमार ने कहा है कि किशोर न्याय अधिनियम की धारा 41(1) के तहत 18 वर्ष तक के लावारिस व बेसहारा बच्चों की देखरेख करने वाली संस्था का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। कोई संस्था बिना पंजीकरण संचालित की जा रही है तो किशोर न्याय अधिनियम की धारा 42 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिना पंजीकरण चल रही संस्था की सूचना देने व पंजीकरण कराने के लिए स्थानीय जिला भवन की दूसरी मंजिल के कमरा संख्या 216 स्थित बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।