माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। नई शिक्षा नीति को 2025 तक लागू करना। देश के 25 विश्वविद्यालय में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का नाम दर्ज कराना मेरी प्राथमिकता है। इसके अलावा नैक में ए प्लस-प्लस रैंक पाना और विश्व के पहले 500 विवि में जगह बनाने पर काम किया जाएगा। पूरी टीम और विद्यार्थियों से यही अपेक्षा है। यह कहना है एमडीयू के कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह का। उन्होंने तीन साल के सेवा विस्तार के लिए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया। कुलपति ने कहा कि सरकार ने उन पर और विवि टीम पर विश्वास जताया है। इस पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
एमडीयू ने महर्षि दयानंद की जयंती पर आने वाले दो वर्षों में सात प्रण व 62 तरह की गतिविधियों के आयोजन की योजना बनाई है। इसे भी आने वाले दो वर्षों में पूरा किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए महर्षि दयानंद के विचारों व शिक्षा को जन-जन तक ले जाया जाएगा। प्रदेश के विकास के लिए भी दूसरे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एमडीयू पहले से ही शोध पर विशेष ध्यान दे रहा है। पिछले तीन वर्षों में विवि का शोध स्तर बढ़ा है। पेटेंट व रिसर्च को अगले स्तर पर ले जाएंगे। नेशनल, इंटरनेशनल कोलेब्रेशन के साथ कंसल्टेंसी भी बढ़ाएंगे। रिसर्च स्कॉलर व यंग फैकल्टी की शोध क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
2019 में बने थे कार्यवाहक कुलपति
एमडीयू में प्रो. राजबीर सिंह ने 7 जनवरी 2019 को बतौर कार्यवाहक कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला था। 21 फरवरी 2020 से नियमित कुलपति का कार्यभार ग्रहण किया। वर्ष 2007 से वह इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी, कुरुक्षेत्र विवि में बतौर प्रोफेसर कार्यरत रहे। वर्ष 2012 से 2017 तक प्रो. राजबीर सिंह शैक्षणिक संचार कौशल नई दिल्ली के निदेशक पद पर रहे। वह एक मार्च 2018 से 20 फरवरी 2020 तक पंडित लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के कुलपति रहे। वह अंग्रेजी साहित्य व जनसंचार में स्नातकोत्तर, एलएलबी, बीएससी-नॉन मेडिकल व पीएचडी-एजुकेशन हैं। साथ ही यूजीसी की बारह से अधिक शैक्षणिक परामर्शदायी समितियों के सदस्य व बीस से अधिक यूजीसी एक्सपर्ट समिति के सदस्य एवं अध्यक्ष रहे हैं।
गैर शिक्षक कर्मचारियों ने किया सम्मानित
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह को तीसरी बार विवि की जिम्मेदारी मिलने का कर्मचारियों ने स्वागत किया। गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने इसके लिए हरियाणा सरकार का आभार प्रकट करते हुए कुलपति से मुलाकात की। संघ के प्रधान जयबाग मलिक की अध्यक्षता में उन्हें फूलों का गुच्छा देकर सम्मानित किया। संघ के महासचिव सुरेश कौशिक, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार, पूर्व प्रधान रणधीर कटारिया, पूर्व प्रधान सुमेर अहलावत, पूर्व उपप्रधान विकास गिल व अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। ब्यूरो