रोहतक। वीआईपी मानहानि केस में सोमवार को बाबा मस्तनाथ मठ के महंत व राजस्थान के विधायक बाबा बालकनाथ व पूर्व विधायक बलजीत यादव सीजेएम कोर्ट में पेश हुए। गवाहों के न आने के कारण अदालत की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। कोर्ट ने दोबारा गवाहों को नोटिस भेजकर सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तिथि तय की है।
आरोप है कि मार्च 2021 में अलवर में बहरोड़ के विधायक बलजीत यादव ने अलवर के तत्कालीन सांसद महंत बाबा बालक नाथ योगी के प्रति अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया और निराधार आरोप लगाए। इन आरोपों के चलते बाबा बालक नाथ की मानहानि हुई है। क्योंकि बाबा बालक नाथ न केवल सांसद हैं, बल्कि मस्तनाथ मठ अस्थल बोहर के महंत भी हैं। उनके अनुयायियों को विधायक के शब्दों से ठेस पहुंची है। सांसद की तरफ से जिला अदालत में 6 सितंबर 2021 को याचिका दायर की गई थी। याचिका के बाद तभी से जिला अदालत में सुनवाई चल है। आईएमटी थाना पुलिस ने मामले में जांच की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सोमवार को अदालत में दो गवाहों को बुलाया गया था, लेकिन गवाह हाजिर नहीं हुए। जबकि बाबा बालकनाथ व आरोपी पूर्व विधायक बलजीत यादव कोर्ट में हाजिर हुए।