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Rohtak News: मांगों को लेकर उठाई आवाज, सरकार को कोसा

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रोहतक। आशा वर्कर्स पिछले काफी दिन से अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटी हुई हैं। 24 घंटे का चला महापड़ाव का वीरवार को समापन हो गया। इसकी अध्यक्षता प्रधान अनीता और मंच संचालन सोनिया मुगांण ने किया। वहीं धरने के दौरान शहर के विभिन्न संगठनों का समर्थन रहा। प्रधान अनीता ने बताया कि हड़ताल को दो माह से अधिक हड़ताल को हो चुके है, लेकिन मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के पास आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के साथ बातचीत करने का समय तक नहीं है। वैसे जन संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जा रहा है। राज्य की बीस हजार आशा कार्यकर्ता भी बेटी हैं। आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन, इंसेंटिव में 50 प्रतिशत कटौती को बहाल करने, ईपीएफ एवं ईएसआई की सुविधा, रिटायरमेंट उम्र 65 साल करने और सेवानिवृत्ति पर सम्मानजनक पेंशन आदि मांगें जायज है।
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सुरेंद्र सिंह ने हड़ताली को समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा जजपा सरकार को हठधर्मिता छोड़ आशाओं की जायज मांगों का बातचीत के माध्यम से जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।
इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश सचिव जयबीर चहल, जिला सचिव मनजीत पांचाल, खेत मजदूर यूनियन के प्रांतीय नेता संदीप सिंह, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान दलेर सिंह समेत अन्य संगठनों ने समर्थन दिया।
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ग्रामीण सफाई कर्मियों ने लघुसचिवालय पर सरकार विरोधी नारे लगाए
जिला प्रधान दलेर और सचिव लाडोत ने हरियाणा सरकार की मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री जन संवाद करते घूम रहे तो दूसरी तरफ सड़कों पर बैठी आशा वर्कर्स और ग्रामीण सफाई कर्मियों से वार्ता करने को तैयार नहीं हैं। सरकार की मंशा आंदोलन को लंबा खिंचकर थकाने और डराने की है। लेकिन आंदोलन न तो डरने वाले हैं न थकने वाले हैं। 17 साल से सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। लेकिन आज तक भी सरकार ने पक्का नहीं किया, 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में 15 हजार वेतन देने का वायदा करने वाली भाजपा सरकार ने वेतन में भारी गैर बराबरी पैदा करके सफाई कर्मचारी विरोधी होने का सबूत दिया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार वार्ता करके ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करे वरना यह आंदोलन और ज्यादा तेज होगा।
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