रेशनेलाइजेशन के विरोध में किंसरंटी के स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते आप के कार्यकर्ता। विज्ञप्ति
रेशनेलाइजेशन और तबादला योजना के विरोध में वीरवार को भी प्रदर्शन किए गए। मोरखेड़ी और किंसरैंटी के ग्रामीणों ने स्कूलों पर ताला जड़कर विरोध दर्ज किया। विरोध की वजह से दोनों जगह विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही।
मोरखेड़ी गांव के निवर्तमान सरपंच मंजीत ने बताया कि गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत छह शिक्षकों के पद समाप्त कर दिए गए हैं। स्कूल के प्राचार्य से लेकर सेवादारों को भी पदमुक्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूल प्राचार्य, अंग्रेजी, हिंदी, ड्राइंग, गणित, बायोलॉजी व एक सेवादार के पदों को समाप्त किया गया है। विद्यालय में करीब 200 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं होंगे तो पढ़ाई कैसे हो पाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार के फैसले को वापस करवाने के लिए ग्रामीण इकट्ठे होकर विरोध कर रहे हैं। वीरवार शाम करीब चार बजे स्कूल के गेट को खोला गया। विरोध प्रदर्शन में जगफूल, बालकिशन, वेदप्रकाश, महेंद्र नंबरदार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
किंसरैंटी के ग्रामीणों ने लगातार चौथे दिन विरोध प्रदर्शन किया। उनके अनुसार स्कूल को मर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। स्कूल को मर्ज करने से ग्रामीणों में रोष है। अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूल बंद हो जाएगा तो अन्य राजकीय स्कूल तीन किलोमीटर दूर हैं। इतनी दूर जाने के लिए परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं है। गरीब परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल बंद होता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई बंद करवानी पड़ेगी। चार दिन से ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। गढ़ी सांपला, किलोई विधानसभा अध्यक्ष इंजीनियर नवीन सांपला ने मौजूदा सरकार के किंसरैंटी गांव के सरकारी स्कूल को बंद करने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा सरकारी स्कूलों को बंद करके निजीकरण को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर कविता शर्मा, सोनू, कुलदीप मलिक, एडवोकेट राजबीर, बिजेंद्र हुड्डा, महेश व आदि मौजूद रहे।