मानव शृंखला बना किया रोष प्रकट।
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हरियाणा के रोहतक में बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में एमबीबीएस के नए सत्र के विद्यार्थियों के साथ बुधवार को 45वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। विद्यार्थियों ने शाम को निदेशक कार्यालय से डी पार्क तक मानव शृंखला बनाकर रोष प्रकट किया। साथ ही सरकार की बेरुखी के चलते परीक्षा के बहिष्कार का फैसला लिया। यहां, भारतीय किसान यूनियन के प्रधान अनिल नांदल उर्फ बल्लू विद्यार्थियों को समर्थन देने अनशन स्थल पर पहुंचे।
बुधवार को भी विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर अनशन पर रहे। दिनभर नारेबाजी के जरिये सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करने वाले विद्यार्थियों ने शाम को रोष प्रदर्शन किया। इसके तहत निदेशक कार्यालय से डी पार्क तक मानव शृंखला बनाकर बॉन्ड पॉलिसी का विरोध किया।
विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार हमारी सुनवाई नहीं कर रही है। इस कारण हमें सड़क पर उतरना पड़ रहा है। इससे पूर्व दोपहर को भारतीय किसान यूनियन के प्रधान अपनी टीम के साथ अनशन स्थल पहुंचे। यहां विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग देने के साथ उनके संघर्ष में साथ खड़े रहे का आश्वासन दिया।
परीक्षा के बहिष्कार का निदेशक को सौंपा ज्ञापन
एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में परीक्षा में नहीं बैठने का फैसला लिया है। इस संबंध में बुधवार शाम को निदेशक डॉ. एसएस लोहचब को ज्ञापन सौंपा गया। विद्यार्थियों ने कहा कि पिछले 44 दिन से द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की कक्षा नहीं लगी है। इस कारण उनके एनएमसी की ओर से निर्धारित शिक्षा के अनिवार्य घंटे भी अधूरे हैं।
इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा 26 दिसंबर से शुरू करने का नोटिस जारी कर दिया है। सभी ने मिलकर हड़ताल और अपनी मांगों को महत्व देते हुए परीक्षाओं का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने का फैसला लिया है। इस संदर्भ में बुधवार को 2020 बैच के विद्यार्थियों ने एक पत्र लिखकर निदेशक को अपने फैसले की जानकारी दे दी है।