माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जिले के गांव मुरादपुर टेकना गांव में छह साल पहले शराब ठेके के कारिंदे प्रवीण की सात गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने छह अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। केस में खास बात यह रही कि जिस युवक से वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल बरामद हुई, उसे केस में आरोपी ही नहीं बनाया गया।
बचाव पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि साल 2018 में महम थाने में मुरादपुर टेकना निवासी ईश्वर सिंह ने शिकायत दी। आरोप लगाया कि उसका बेटा शराब ठेके पर कारिंदे के तौर पर काम करता था। दिनदहाड़े उसकी अज्ञात युवकों ने सात गोलियां मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने केस में मुरादपुर टेकना निवासी अभिषेक, गुरुग्राम निवासी विनित, बहुअकबरपुर निवासी राहुल, खेड़ी सांपला निवासी देवेंद्र, सांपला निवासी सुशील व नजफगढ़ निवासी महेश को गिरफ्तार किया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान गवाह ने आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया।
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बरामद पिस्तौल जांच के लिए मधुबन लैब में भेजी। एफएसएल जांच में पता चला कि एक ही पिस्तौल से सात गोलियां मारी गई हैं। रिकाॅर्ड खंगाला गया तो वह पिस्तौल केस में बरामद छह आरोपियों में किसी से बरामद नहीं हुई, बल्कि यह दूसरे केस में सोमबीर नाम के आरोपी से बरामद हुई। सोमबीर मुरादपुर टेकना के युवक प्रवीण की हत्या के केस में आरोपी ही नहीं था।क