सर्किट हाउस में सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील के साथ हुए घटनाक्रम के मामले में पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर 10 घंटे बाद सुबह आठ बजे महिला वकील को रसीद दी। वकील नवरत्न चौधरी रविवार को दोपहर बाद चार बजे तक एफआईआर की कॉपी के इंतजार में सर्किट हाउस में बैठी रही, लेकिन उसे कॉपी नहीं मिली।
डीएसपी हेड क्वार्टर का कहना है कि पीजीआईएमएस थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। सर्किट हाउस के फुटेज दोबारा से खंगाले जा रहे हैं। अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। महिला वकील नवरत्न चौधरी ने कहा कि मैं पेशे से वकील हूं, कानून की बारीकी से जानकारी रखती हूं। सरकार के लिए कोर्ट में लड़ते हुए कई वर्ष बीत गए।
अगर मेरे ही साथ सरकार के मंत्री, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी सहित पुलिस प्रशासन का ये रवैया है, तो मैं अंदाजा लगा सकती हूं कि आखिर आम महिला के साथ इनका कैसा बर्ताव रहता होगा। अपनी दी हुई शिकायत पर उक्त आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए मैं इन सभी से 20 घंटे बहस करती रही हूं, लड़ी हूं, फिर भी केस दर्ज नहीं हुआ। किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक की रूम को खाली करवा कर मुझे सर्किट हाउस से चले जाने को कह दिया गया।
समझ सकती हूं कि जब मेरे साथ ऐसा किया जा रहा है, तो आम महिला इसी रवैये की वजह से कितना शोषण सहन करती होगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण पर मीडिया के सामने वकील बोली कि इस मामले को महिला वकील से जोड़ कर नहीं, बल्कि एक महिला सुरक्षा के नजरिए से देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह वकील से पहले एक महिला है, जिसकी सुरक्षा देश व प्रदेश में किस तरह की है, ये इस पूरे प्रकरण से स्पष्ट हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ते जा रहे हैं, इसका कारण ये भी हो सकता है कि उनकी सुनवाई ही बहुत कम की जाती है।