रोहतक। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में लाभकारी साबित हो रही है। विभिन्न योजनाओं के तहत व्यक्तिगत तौर पर पुरुष, महिला, किसान उत्पादन संगठन, स्वयं सहायता समूह व सहकारी समिति ऋण योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। मंगलवार को जारी बयान के दौरान उपायुक्त अजय कुमार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह को मशीन की खरीद के लिए प्रत्येक सदस्य के हिसाब से 40 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए 35 प्रतिशत अनुदान पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। खाद उद्योग जैसे बेकरी, आटा मिल, सरसों तेल मिल, मसाले, मिठाई, जूस, पेठा, पापड़, फ्रूट, जैम, शहद, मशरूम, बिस्कुट, केक, पिज्जा, टमाटर सॉस, चिप्स, नमकीन, गजक, गुड़, अचार व मखाना आदि से संबंधित खाद्य पदार्थ को बनाने व उत्पादन की यूनिट लगाई जा सकती है। सरकार की ओर से सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपए तक का ऋण दिया जाता है, जिसमें 35 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इससे संबंधित जानकारी के लिए एमएसएमई सेंटर से संपर्क किया जा सकता है।