संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित 56वीं राज्यस्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेशभर से आए खिलाड़ियों को लचर व्यवस्था के चलते खासी परेशानी हुई। कहीं खेल के मैदान पर पेयजल को खिलाड़ी तरसते रहे तो कहीं ठहरने की जगह शौचालय में गंंदगी का आलम बना रहा। स्पर्धा के दूसरे दिन खिलाड़ी लचर व्यवस्था से आहत नजर आए। अमर उजाला ने कुछ खिलाड़ियों से बातचीत के बाद व्यवस्था का जायजा लिया तो अव्यवस्था सामने आई।
यमुनानगर की टीम की खिलाड़ियों ने यह बताई व्यथा
राजीव गांधी खेल परिसर में शिक्षा विभाग की ओर से हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यहां प्रदेशभर से खेलने पहुंचीं कुछ लड़कियों से बात हुई तो उन्होंने लचर अव्यवस्था की जानकारी दी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। यमुनानगर की टीम के ठहरने की व्यवस्था एक निजी स्कूल में की गई है। यहां कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि स्कूल के शौचालय बदहाल हैं। इनकी अरसे से सफाई तक नहीं हुई है। यहीं नहीं, तेज धूप में हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान पर खेलने वाले खिलाड़ियों को पेयजल तक नहीं मिला। इसके लिए खिलाड़ी इधर-उधर भटकते नजर आए।
आर्य कन्या गुरुकुल करनाल की छात्राओं ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है। पानी के लिए स्टेडियम परिसर में एक टैंकर खड़ा है। उसी से सब अपनी बोतलों में पानी भरकर ला रहे हैं। यहां भी भीड़ के चलते काफी देर में नंबर आ रहा है। इस कारण कुछ खिलाड़ी बाहर से पानी की बोतल खरीदकर लाए हैं।
खेल स्पर्धाओं के बेहतर आयोजन के लिए दुरुस्त व्यवस्था की गई है। फिर भी कहीं कोई कमी रह गई है तो इसे दूर किया जाएगा। स्पर्धा के आयोजन की व्यस्तता के चलते हो सकता है कोई चूक रह गई हो। शनिवार को खेल मैदान पर सभी सुविधाएं दुरुस्त रहेंगी।
- अनिल हुड्डा, सहायक जिला शिक्षा अधिकारी (खेल)।