24सीटीके14.... पीजीआईएमएस के पीजी लैक्चर थियेटर में आयोजित व्याख्यान में मौजूद चिकित्सक। स्रोत:
रोहतक। हरियाणा प्रदेश खिलाड़ियों का प्रदेश है, ऐसे में सभी हड्डी रोग विशेषज्ञों को खिलाड़ियों को लगने वाली चोट के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों को उच्च कोटि का इलाज मिलता है जिससे उनकी चोट जल्दी ठीक हो सकती है। बुधवार को यूएसए से आए डाॅ. अमोल सक्सेना पीजीआईएमएस की ओर से आयोजित व्याख्यान में शामिल हुए।
ओर्थो विभाग के पीजी लैक्चर थियेटर में संबोधित करते हुए स्पोर्टस मेडिसन विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेश रोहिल्ला ने बताया कि डाॅ. अमोल सक्सेना फुट एंड एंकल फांउडेशन मेडिकल ग्रुप यूएसए में प्रैक्टिस करते हैं। इनकी स्पोर्ट्स मेडिसन में विशेष रूचि है। डाॅ. अमोल के अंतरराष्ट्रीय जरनल में 140 से ज्यादा लेख छप चुके हैं। इसके साथ ही डाॅ. अमोल अमेरिकन एकेडमी ऑफ पोडियाट्रिक स्पोर्टस मेडिसन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वहीं डाॅ. राजेश रोहिल्ला ने बताया कि कुलपति डाॅ. अनिता सक्सेना, निदेशक डाॅ. एसएस लोहचब को इतने महत्वपूर्ण विषय पर व्याख्यान आयोजित कराने पर बधाई दी।
डाॅ. अमोल सक्सेना ने कहा कि खिलाड़ियों में खेल के दौरान कई बार चोट लग जाती है। उन्होंने बताया कि जो रेस के खिलाडी होते हैं, उन्हें भागते हुए फूट एंड एंकल की चोट लग जाती है। अधिकतर बार खिलाड़ियों में स्ट्रेचर फ्रैक्चर और एंकल स्प्रेन की चोट सामने आती हैं, ऐसे में खिलाड़ियों को जल्द से जल्द दोबारा खेल में उतारने के लिए गुणवत्तापूर्ण उपचार की जरूरत होती है।
इस अवसर पर डॉ. रूप सिंह, डाॅ. आशीष देवगन, डाॅ. राज सिंह, डाॅ. प्रदीप कम्बोज, डाॅ. उमेश यादव, डाॅ. विरेंद्र, स्पोर्टस फिजियोथैरेपिस्ट, ओर्थो विभाग के चिकित्सक व फिजियोथैरेपी के छात्र उपस्थित रहे।