रोहतक। एक तरफ सरकार जय जवान, जय किसान के साथ जय पहलवान का नारा दे रही है, दूसरी तरफ रोहतक में हुई प्रदेशस्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को 58 दिन बाद भी प्रति खिलाड़ी पांच हजार की इनामी राशि नहीं मिली। आलम यह है कि 6 दिसंबर को फाइनल मैच के बाद कोच ने अपने रुपयों से ट्राॅफी खरीदकर खिलाड़ियों को दी। खेल विभाग ने बाद में ट्राॅफी और प्रमाण पत्र तो भिजवा दिए, लेकिन इनामी राशि अब तक नहीं दी।
रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में 4 दिसंबर 2023 को प्रदेशस्तरीय खेल महाकुंभ हुआ, जिसमें सभी 22 जिलों की टीमों ने भाग लिया। लड़कियों का फाइनल मैच सोनीपत व करनाल के बीच खेला गया था, जिसमें सोनीपत की टीम विजयी रही थी। महिला टीम की विजेता खिलाड़ियों को अब तक इनामी राशि नहीं मिल पाई है। लड़कों का मुकाबला झज्जर व दादरी के बीच खेला गया, जिसमें झज्जर की टीम विजयी रही। खेल विभाग के नियमों के तहत विजेता टीम को 60 हजार रुपये की इनामी राशि और ट्राॅफी दी जानी थी, लेकिन अब तक नहीं मिली है।
कोच बोले- खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करे सरकार
सोनीपत की कबड्डी की लड़कियों की टीम के कोच सुरेंद्र गढ़वाल का कहना है कि खिलाड़ी इतनी मेहनत करते हैं, लेकिन सरकार उनका मनोबल बढ़ाने के लिए योगदान नहीं कर रही। खिलाड़ियों की मेहनत को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे उनका मनोबल टूटता है।
वर्जन
प्रतियोगिता के समय वह कैंप में बाहर गए हुए थे। इस कारण ट्रॉफी देने में चूक हुई, लेकिन बाद में प्रमाणपत्र के साथ ट्रॉफी विजेता टीम के पास पहुंचा दी थी। खिलाड़ियों को राशि देने के लिए मुख्यालय से कोई राशि या पत्र नहीं आया है।
- अनूप सिंह, जिला खेल अध्यक्ष रोहतक।