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फार्मासिस्ट दिवस : नियमों की अवहेलना पर 70 दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द

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रोहतक। दवा विक्रेताओं को नियमों की कतई परवाह नहीं है। दवा की दुकानों पर न तो फार्मासिस्ट एप्रन पहनते हैं और न ही दवाओं को रखने की सही व्यवस्था है। दवा धूल मिट्टी फांक रही है। बगैर किसी डॉक्टर की सलाह के दवा धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। ज्यादातर दुकानों पर फार्मासिस्ट के बजाय कर्मचारी ही दवा बेच रहे हैं। विभाग की ओर से 30 दिसंबर 2023 से अब तक दवा विक्रेताओं के 70 लाइसेंस रद्द किए गए हैं, 30 के खिलाफ कार्रवाई अभी बाकी है। विभाग इनकी जांच कर रहा है।
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मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने शहर के विभिन्न दवा की दुकानों पर व्यवस्थाएं परखी। इस दौरान कहीं धूल तो कई दुकानों पर शीशे के गेट नहीं मिले। दवा विक्रेता एप्रन के बिना ही दवा बेच रहे थे। कई दुकानों पर फ्रिज में दवा कम उनके निजी सामान, जैसे पानी की बोतल, खाने के समान था। कई छोटी दुकानों पर फ्रीज भी नजर नहीं आए।

धूप से दवाइयों की गुणवत्ता प्रभावित
दवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दवा को एक तापमान में रखना होता है। कई दवाओं, इंजेक्शन जैसे, इंसुलिन, टिटनेस व वैक्सीन को फ्रीज में रखना जरूरी होता है। दुकानों पर शीशे न होने कारण सीधे धूल और धूप दवाओं पर पड़ रही हैं। मरीज को मालूम ही नहीं होता कि धूप की रखी दवा की गुणवत्ता एक सामान्य तापमान में रखी दवा से कम होती है।
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बिना चिकित्सीय परामर्श बेची जा रही दवा
शहर में बिना चिकित्सीय परामर्श के धड़ल्ले से दवाएं बेची जा रही हैं। इनमें बुखार, सिरदर्द, गैस, हाजमा संबंधी दवा बिना परामर्श बेची जा रही है। नियमानुसार बिना परामर्श के दवा देना प्रतिबंधित है।


एप्रन पहने नहीं दिखे दवा विक्रेता
शहर के मेडिकल मोड़, शीला बाईपास, दिल्ली बाईपास, गोहाना रोड, सुखपुरा चौक, किला रोड, रेलवे रोड आदि दुकानों पर कोई भी केमिस्ट एप्रन पहने नजर नहीं आए।

बिना परामर्श दवा वितरण को लेकर सख्त विभाग
विभाग इसको लेकर सख्त है। दवा विक्रेताओं को जागरूक करने के साथ उन्हें सावधानियां बरतने की भी सलाह देता है। इसके बावजूद भी कई दवा विक्रेता नियमों की अनेदखी कर रहे हैं, ऐसे दुकानदारों से विभाग सख्ती से निपट रहा है।






वर्जन
दवा विक्रेताओं पर कार्रवाई की जा रही है। फार्मासिस्टों के लिए एप्रन पहनना, दवाओं को धूल-मिट्टी व धूप से बचाने के लिए साफ-सफाई व शीशा लगाना जरूरी है। निर्धारित तापमान पर दवाओं को सुरक्षित रखनके लिए फ्रिज चालू हालत में होना जरूरी है। विभाग ने नियमों न करने वाले जिलों के 70 दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। जबकि 30 पर कार्रवाई होनी बाकी है।
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-डॉ. मनदीप मान, जिला औषधि नियंत्रक
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