09सीटीके41...पीजीआई में माईक्रोबायोलोजी विभाग के एचआईवी लैब में मौजूद चिकित्सक। स्रोत:पीजीआई
रोहतक। पीजीआई रोहतक में स्थापित माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एचआईवी लैब अंतरराष्ट्रीय मानकों पर सक्षम पाई गई है। इसे एनएबीएल एजेंसी से मान्यता प्राप्त करने में सफलता मिली है। मान्यता मिलने पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग अध्यक्ष डॉक्टर अपर्णा परमार और नोडल अधिकारी डॉ. रितु अग्रवाल को कुलपति डॉक्टर अनीता सक्सेना, कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसएस लोहचब, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर कुंदन मित्तल ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है।
डॉ. अपर्णा परमार ने बताया कि एनएबीएल भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त एजेंसी है, इसका उद्देश्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन करना है। एनएबीएल मान्यता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर परिणामों की स्वीकृति की सुविधा प्रदान करता है। डॉ. अपर्णा ने बताया कि एनएबीएल की मान्यता प्राप्त करने वाली हरियाणा राज्य की यह प्रथम सरकारी एचआईवी लैब है।
लैब की इंचार्ज डॉक्टर रितु अग्रवाल ने बताया कि इस मान्यता के मिलने से लैब में जांच परीक्षण करने वाले कर्मियों में विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इसका लाभ लैब में जांच करने वाले मरीज और एआरटी सेंटर में पंजीकृत मरीजों को प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त एचआईवी लैब एसआरएल के प्रदेश में स्थापित 104 आईसीटीसी भी अब एनएबीएल से मान्यता प्राप्त हो गई है। डॉ. रितु ने इस विशेष उपलब्धि का श्रेय माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अपर्णा, डॉक्टर निधि गोयल व डॉक्टर कुणाल को दिया।