विकास सैनी रोहतक।
प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस (स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान) के सुरक्षा कर्मचारी अब खाकी पोशाक नहीं पहनेंगे। इनके लिए मुख्यालय से तय ड्रेस कोड के तहत आसमानी कमीज और नीली पैंट वर्दी के रूप में निर्धारित की गई है। इसके अलावा सिर पर नीली टोपी, काली बेल्ट व जूते पहनने होंगे। नई वर्दी के लिए गार्डों के 15 दिन समय दिया गया है। फिलहाल गार्ड सादे कपड़ों में संस्थान की सुरक्षा करेंगे।
दरअसल, खाकी वर्दी पुलिस के लिए है। थल, जल व वायु सेना की वर्दी भी निर्धारित है। नियमानुसार इन वर्दी को इन सेनाओं या पुलिस में भर्ती जवान ही पहन सकता है। इसके अलावा अन्य किसी के लिए इसे पहनना वर्जित है। पुलिस के पास पिछले काफी समय से खाकी या सेना की वर्दी पहने लोगों के सामने की शिकायतें पहुंची। सामान्य नागरिकों के वर्दी पहन कर गलत लाभ लेने की शिकायतें भी आई। इसके चलते मुख्यालय ने पत्र जारी करते हुए खाकी के गलत प्रयोग पर रोक के तहत संस्थान के गार्डों की वर्दी बदलने का निर्देश दिया। इसे लेकर संस्थान के एमएस डाॅ. कुंदन मित्तल की देखरेख में बैठक हुई। बैठक में तुरंत प्रभाव से वर्दी बदलने का फैसला लेते हुए नोटिस जारी किया गया। यहां नए ड्रेस कोर्ड के तहत नई वर्दी भी तय की गई।
शनिवार को संस्थान के जवान जारी सूचना के चलते सादे कपड़ों में ड्यूटी के लिए पहुंचे। आम आदमी से अलग पहचान के लिए सिर पर टोपी, कमर पर बेल्ट और काले जूते पहनने के लिए कहा गया है।
मुख्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें तय ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में बैठक कर खाकी वर्दी की जगह नई वर्दी तय कर दी गई है। सुरक्षा कर्मचारी 15 दिन में आसमानी कमीज और नीली पैंट वर्दी के रूप नई वर्दी पहनेंगे। इस बीच वे सादे कपड़ों में ड्यूटी कर सकते हैं।
डॉ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस।