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Rohtak News: डिजी-सहायम प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग शुरू

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ट्रेनिंग के दौरान मौजूद डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ । विज्ञप्ति
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रोहतक। पीजीआईएमएस एवं सेंटर फॉर क्रोनिक डिजिज कंट्रोल (सीसीडीसी) के संयुक्त अभियान से डिजी-सहायम प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग शुरू हुई। टेलीमेडिसिन के तहत ट्रेनिंग के प्रथम चरण में डीघल एवं चिड़ी के मेडिकल ऑफिसर एवं स्टाफ नर्स ने भाग लिया। इसका अभिप्राय दूरदराज के इलाकों में काम करने वाले डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ को डिजिटल टेक्नोलॉजी में हुई नई तकनीकों से अवगत कराना था। ट्रेनिंग के दौरान जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। यह अनूठा प्रयास इस कमी को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। सीसीडीसी टीम की तरफ से आए डॉ. अरुण बोस ने सभी प्रतिभागियों को चेन्नई में पिछले दो साल से चल रहे क्लीनिक से जोड़ा और उन्हें वीडियो पर दिखाया कि किस तरह से मरीज का इलाज सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस डिजिटल टेक्नोलॉजी के द्वारा कुलपति प्रोफेसर अनीता सक्सेना ने दोहराया कि केवल शैक्षणिक साक्षरता काफी नहीं। आज के समय में डिजिटल साक्षरता भी बहुत आवश्यक है।
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सीसीडीसी से पंहुचीं डॉ. अंकिता शर्मा ने कहा। कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म बहुत ही सरल है और ट्रेनिंग के बाद केवल 10 से 15 मिनट में किसी भी मरीज की सारी जानकारी इसके अंदर एंटर की जा सकती है। इससे चिकित्सक का बहुमूल्य समय भी बचेगा और सारी जानकारी एक बटन दबाने पर उसके सामने उपलब्ध होगी। प्रतिभागियों के लिए भी यह एक बहुत अच्छा अनुभव था। झज्जर से आए डॉ. अमित ने बताया कि इस तकनीक से लोगों का सरकारी सिस्टम पर भरोसा और बढ़ेगा। चिड़ी से आए डॉ. पूजा ने बताया कि इस तकनीक की वजह से समय अनुसार ही मरीज की जांच हो सकती है और इसकी वजह से उसका इलाज गंभीर अवस्था में जाने से पहले ही संभव है। इस अवसर पर डॉ. सुनील अरोड़ा, डॉ. सृष्टि, डॉ. हिमानी,डॉ. मानसी, मंजू, सुमन बाला, सुब सिंह एवं सीमा उपस्थित रहे।
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