रोहतक। कोरोना संक्रमण को लेकर पीजीआईएमएस और स्वास्थ्य विभाग कितना संजीदा हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग के सैंपल जांच करने से पीजीआईएमएस ने इन्कार कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बहादुरगढ़ लैब और खानपुर मेडिकल कॉलेज में सैंपल जांच के लिए भेजने शुरू किए। इन दोनों सेंटरों ने भी जांच किट की कमी के चलते शुक्रवार को रोहतक के कोरोना सैंपल की जांच करने से इन्कार कर दिया। इस पर स्वास्थ्य विभाग रोहतक ने जांच किट स्वयं खरीदकर दोनों सेंटरों पर भिजवाई हैं। अब दोनों सेंटरों पर जांच शुरू हो गई है।
ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट एक्सबीबी 1.15 व एक्सबीबी 1.16 का खतरा बना हुआ है। जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या 52 पहुंच गई है। रोजाना स्वास्थ्य विभाग की टीम 400 से 500 सैंपल की जांच कर रही है। वहीं पीजीआईएमएस में जांच नमूनों की संख्या कम है। सूत्रों के अनुसार पीजीआईएमएस ने फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए जाने वाले कोरोना के सैंपल की जांच करने से इन्कार कर दिया। इसकी वजह मैनपावर की कमी बताई जा रही है। हैरानी की बात है कि पूर्व में कोरोना की लहरों में संस्थान ने लाखों सैंपल जांचे थे और वायरोलॉजी लैब ने सातों दिन 24 घंटे नमूनों की जांच की थी।
बोले अधिकारी
पीजीआईएमएस ने कोरोना मरीजों के सैंपल की जांच करने से इन्किकार कर दिया तो खानपुर मेडिकल कॉलेज और बहादुरगढ़ प्रयोगशाला में सैंपल जांच के लिए भेजने लगे। जब इन दोनों सेंटरों ने सैंपल जांचने में असमर्थता जताई तो इनको जांच किट उपलब्ध करवा दी गई है। अब मरीजों के नमूनों की जांच नहीं रुकेगी। इसके लिए व्यवस्था कर दी गई है। अभी आरटीपीसीआर जांच ही कर रहे हैं। रैपिड एंटीजन किट से जांच पहले से ही बंद है। पीजीआईएमएस के संबंध में डीजीएचएस से बात की है, संभव है यह भी सोमवार से सैंपल जांच के लिए लेना शुरू कर दें।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन रोहतक