पीजीआईएमएस के एमबीबीएस विद्यार्थी नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) परीक्षार्थियों के पक्ष में आ खड़े हुए हैं। नीट का पेपर लीक होने और नेट (राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा) रद्द होने के चलते विद्यार्थियों ने व्यवस्था के प्रति रोष प्रकट किया। एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) पर सवालिया निशान उठाते हुए पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। निदेशक कार्यालय के बाहर डीन पार्क में प्रदर्शन कर काउंसिलिंग प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की भी अपील की।
एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा भारती ने कहा कि एक तरफ उच्चतम न्यायालय विद्यार्थियों को संयम बनाए रखने की सलाह दे रहा है। दूसरी तरफ छह जुलाई से शुरू होने वाली काउंसिलिंग प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जा रही है। एमबीबीएस फाइनल वर्ष की छात्रा प्रिया कौशिक ने कहा कि इस बार जिस तरह की बड़ी खामियां नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित नीट परीक्षा में देखने को मिल रही हैं, इससे देश के लाखों युवाओं का भरोसा इस परीक्षा से उठ गया है। यह आने वाले समय में देश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद घातक साबित होगा।
पेपर लीक की घटनाओं की सीबीआई जांच की मांग
एमबीबीएस इंटर्न पंकज बिट्ठू ने कहा कि यह देश के भविष्य का सवाल है। इस मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राथमिकता से संज्ञान लेकर परीक्षा दोबारा करानी चाहिए। पेपर लीक की घटनाओं की सीबीआई जांच होनी चाहिए। खुद बिहार और गोधरा पुलिस व पेपर लीक में शामिल अभ्यर्थी बयान दे रहे हैं कि उन्हें एक दिन पहले पेपर मिला था तो केंद्र सरकार को और क्या सबूत चाहिए। विद्यार्थियों ने पीजीआईएमएस के निदेशक डाॅ. एसएस लोहचाब के मध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम ज्ञापन भी सौंपा।