ठगों ने छात्रा से कहा कि उसके खाते में जो राशि है, उसे भेजो। यदि वह राशि आतंकवादियों से नहीं आई है तो उसे वापस कर दिया जाएगा। 12 अगस्त को डिजिटल अरेस्टिंग के दौरान छात्रा ने पीजीआईएमएस के एसबीआई से साइबर ठगों द्वारा दिए गए बैंक खाते में 8.76 लाख रुपये, 13 अगस्त को 2.46 लाख रुपये और 14 अगस्त को 3 लाख रुपये भेज दिए। 15 अगस्त को वेरिफिकेशन और सुप्रीम कोर्ट के वकील की फीस के नाम पर 50 हजार रुपये डलवाकर कुल 14.72 लाख रुपये की ठगी कर ली। इसके बाद ही छात्रा को डिजिटल अरेस्टिंग से छोड़ा गया।