नए बस स्टैंड के गेट पर ताला लगाए जाने के बाद यात्रियों से बात करते एसएस जयवीर हुड्डा। विज्ञप्ति
रोहतक। सांपला-पाकस्मा-रोहतक रूट पर सरकारी बसों के संचालन को बंद करने के विरोध में सोमवार को सैकड़ों लोगों ने बस स्टैंड के गेट पर ताला जड़ दिया। बस स्टैंड का गेट बंद होने से डिपो प्रबंधन में हड़कंप मच गया। विरोध कर रहे युवाओं को समझाने के लिए डिपो प्रबंधन ने बातचीत की और तुरंत बस चलाने के आश्वासन पर गेट को खुलवाया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक बस स्टैंड के बाहर जाम की स्थिति बन गई।
विरोध कर रहे युवाओं का नेतृत्व कर रहे सोनू किसरैंटी ने बताया कि वर्षों से सांपला-पाकस्मा-रोहतक रूट पर रोडवेज की दो बसें चलाई जा रही हैं। चार दिन पहले बसों के संचालन को बंद कर दिया गया। इस रूट पर छह गांव गिझी, दतौड़, किसरैंटी, पाकस्मा, नौनंद, अटायल पड़ते हैं। बस सेवा बंद होने से इन गांवों के यात्रियों को आने-जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसें न चलने से छात्राओं, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों के लिए शहर में आना जाना मुश्किल हो गया है। इसके विरोध में सोमवार को सभी गांवों के छात्र-छात्राएं, दैनिक यात्री व अन्य डिपो प्रबंधन से बसों को चलाने की मांग को लेकर बस स्टैंड पहुंचे थे। बातचीत के बाद डिपो प्रबंधन ने सवारियों की संख्या कम होना बसें न चलाने का कारण बताया। उन्होंने बताया कि डिपो प्रबंधन ने बसों को दोबारा से न चलाने की बात कही तो विरोध में गेट पर ताला जड़ दिया। करीब आधे घंटे बाद स्टेशन सुपरवाइजर ने गेट पर आकर बातचीत की और बसें चलाने का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद दोनों बसों को रूट पर चलाया दिया गया। बताया जा रहा है कि ऐसे ही करीब छह महीने पहले भी बसों को बंद कर दिया था लेकिन विरोध के बावजूद चला दिया गया था।
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वर्जन -
रूट पर रोडवेज बसें चलाने की मांग को लेकर कुछ लोग बस स्टैंड पहुंचे थे। बातचीत कर उन्हें समझा दिया है। उनकी मांगों पर सुनवाई करते हुए बसें चला दी गई हैं।
- जयवीर हुड्डा, एसएस, रोडवेज डिपो