रोहतक। किसानों के लंबित फसल मुआवजा, बकाया बीमा क्लेम, कपास में गुलाबी सुंडी के नुकसान से किसानों को बचाने, फसल खरीद की मनमानी शर्तें हटाने, समेत 33 सूत्रीय मांग पत्र को रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेश खुल्लर और संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा। प्रदेश के किसान इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से परेशान हैं लेकिन सरकार इनका हल नहीं कर रही।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बयान जारी कर बताया कि किसानों के लंबित मुद्दे ज्यों के त्यों खड़े हैं लेकिन इनका समाधान नहीं किया गया। इसके चलते कई जिले में सैकड़ों दिनों से धरने प्रदर्शन भी चल रहे हैं। इसको लेकर बार-बार मांग पत्र दिया जाता है लेकिन सुनवाई नहीं होती।
अगर सरकार इन मुद्दों पर गंभीर है तो मोर्चा प्रतिनिधिमंडल से बात करें इसी कड़ी में रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रिंसिपल सचिव को अपना 33 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है । जिनके समक्ष सारी समस्याओं को रखा गया है ।
बैठक किसानों की तात्कालिक समस्याओं को जानने के लिए ही रखी गई थी। मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सचिव ने इन मुद्दों पर प्रतिनिधिमंडल से बात करने के उपरांत कुछ तात्कालिक समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने और हल कराने के प्रयास किए जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के बाद कहा की अगर मुद्दों का तय समय में समाधान नहीं किया जाता है तो जो रणनीति आंदोलन को लेकर रोहतक बैठक में बनी थी उसी अनुरूप आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में बलबीर सिंह, जोगेंद्र नैन, रतन मान, सुरेश कोथ, रणवीर मलिक, अजय सिधानी, सुखदेव जम्मू, विकास सीसर, सुखविंदर सिंह, जयकर्ण मांडोठी, प्रह्लाद भारूखेड़ा, सुखविंदर औलख, सुमित दलाल, रविंद्र विर्दी, हरजिंद्र, राजीव मलिक आदि शामिल हुए।