संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले में बुधवार को सामान्य अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में चिकित्सक हड़ताल पर रहे। एचसीएमएस (हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस) एसोसिएशन की इस एक दिन की हड़ताल के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिला। सिविल अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने के कारण मरीजों को पीजीआईएमएस का रुख करना पड़ा।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि सेवानिवृत्त चिकित्सकों (सीनियर कंसल्टेंट) की मदद से ओपीडी में मरीजों काे स्वास्थ्य लाभ दिया गया। ओटी में 10 जरूरी ऑपरेशन भी किए गए। इधर, सुनवाई नहीं होने से आहत एसोसिएशन ने 29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया है।
इमरजेंसी वार्ड में जांचे 35 मरीज, 10 ऑपरेशन हुए
सामान्य अस्पताल में बुधवार को चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीज आपात विभाग में पहुंचे। यहां 35 मरीजों को दवा दी गई। प्रसूति विभाग में शाम 4 बजे तक छह डिलिवरी हुईं। इनमें से एक ऑपरेशन से व पांच सामान्य हुई। यहां रोजाना औसतन 15 डिलिवरी होती हैं। यही नहीं, फ्री डे के बावजूद 10 ऑपरेशन भी किए गए। हालांकि रोजाना औसतन 25 से 30 ऑपरेशन होते हैं।
एचसीएमएस चिकित्सक बुधवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते ओपीडी सेवाएं ठप रहीं। अस्पताल पहुंचे ज्यादातर मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा जबकि काफी संख्या में मरीज पीजीआईएमएस पहुंचे। ऐसे में पीजीआईएमएस की ओपीडी में और दिनों से ज्यादा भीड़ रही। दोपहर बाद आपातकालीन विभाग में भी मरीजों की कतार लगी रहीं। हड़ताल के चलते मरीजों को विशेषज्ञ नहीं मिले। इस कारण ओपीडी में जांच के लिए पहुंचे मरीजों को कार्ड बनवाकर ही लौटना पड़ा। कुछ मरीजों को सेवानिवृत्त चिकित्सकों ने परामर्श के साथ दवा लेने की सलाह दी। यह भी सामान्य रोगों से पीड़ित मरीज ही रहे।
बातचीत की पहल नहीं होने के चलते आक्रोशित एसोसिएशन ने 29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया। इसके तहत चिकित्सक किसी भी विभाग में काम नहीं करेंगे। इसमें लेबर रूम, पोस्टमार्टम व आपात सेवाएं भी शामिल हैं। ऐसे में शुक्रवार से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
नर्साें की 28 दिसंबर की हड़ताल 15 दिन के लिए स्थगित
प्रदेश में वीरवार को दो घंटे के लिए ऑल नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की ओर से की जाने वाली हड़ताल रद्द हो गई है। एसोसिएशन की राज्य महासचिव संतोष अहलावत ने बताया कि बुधवार को मुख्यालय की ओर से सभी सदस्यों के साथ बैठक हुई। इसमें मांगें माने जाने का आश्वासन मिला है। यदि 15 दिन में मांगे नहीं मानी जाती है तो दोबारा हड़ताल व रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
यह बोले मरीज
इलाज के लिए सिविल अस्पताल आया हूं। यहां पता लगा कि डॉक्टरों की हड़ताल है। ठंड में यहां आया, मगर एक घंटा बेकार गया। काफी इंतजार के बाद बिना जांच व दवा के वापस जाना पड़ रहा है।
- कुलदीप, सुखपुरा चौक।
तबीयत खराब है। इलाज व दवा के लिए पीजीआईएमएस आए हैं। यहां पहले से ही ओपीडी में भीड़ है। पिछले तीन घंटे से कतार में लगे हैं। अब तक नंबर नहीं आया है।
- कृष्ण, काहनौर।
पीजीआईएमएस से ही पिछले छह महीने से इलाज करा रहा हूं। इतना इंतजार कभी नहीं करना पड़ा। सुबह से दोपहर हो गई है। भीड़ के कारण डॉक्टर से परामर्श लिए बगैर लौटना पड़ रहा है।
- विमला, सोनीपत रोड, रोहतक।
हड़ताल का प्रभाव जिला सामान्य अस्पताल पर नहीं आने दिया। सीनियर कंसल्टेंट (सेवानिवृत्त चिकित्सक) की मदद से ओपीडी चलाई गई। मरीजों को दवा दी गई। रोजाना करीब 25 से 30 ऑपरेशन होते हैं। हड़ताल के चलते जरूरी 10 ऑपरेशन किए गए। प्रसूति सेवा सुचारू रही। शाम तक छह डिलिवरी कराई गई हैं। आपात विभाग में भी 35 मरीजों की जांच की गई है।
- डॉ. पुष्पेंद्र, चिकित्सा अधिक्षक, सामान्य अस्पताल।
प्रदेश में एचसीएमएस चिकित्सक की बुधवार की एक दिवसीय हड़ताल के बाद भी देर रात तक मुख्यालय की ओर से बातचीत की पहल या प्रयास नहीं हुआ। इसके चलते 29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन
हड़ताल का फैसला लिया गया है।
- डॉ. विश्वजीत राठी, जिला प्रधान, एचसीएमएस एसोसिएशन।