रोहतक। हरियाणा रोडवेज रोहतक डिपो में चालकों व परिचालकों का बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है। बस संचालन में तैनात जिले में 709 स्टाफ में से 200 को विभाग ने अन्य जिलों में भेज दिया है और इनके स्थान पर नया स्टाफ नहीं आया है। इसके चलते रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई है और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि रोहतक डिपो में 180 बसों के अनुपात में सरप्लस स्टाफ था, इसलिए इतने बडे़ स्तर पर तबादले हुए।
विभाग ने पांच दिन पहले 94 चालक और 106 परिचालकों का तबादला कर दिया है। विभाग के पास जिले में 342 चालक थे अब इनकी संख्या 248 रह गई है। इसके अलावा परिचालकों की संख्या 367 थी जोकि अब 260 रह गई है। स्टाफ कम होने के कारण अलग-अलग रूटों पर बसों के फेरे कम हो गए हैं। कुछ रूटों पर तो बसें ही नहीं चल रही हैं। गर्मी में बस न मिलने से यात्री परेशान हैं। निजी टैक्सी लेकर लोगों को सफर तय करना पड़ रहा है।
फरमाणा, काहनौर, चिमनी, सांगाहेडा, महम, जुलाना रूट पर बसें बंद
नए बस स्टैंड से लोकल रूटों पर चलने वाली रोडवेज की बसें कुछ रूटों पर कम हो गई हैं। लेकिन फरमाणा, काहनौर, चिमनी, सांगाहेडा, महम, जुलाना और गोहाना की तरफ जाते वक्त ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली बसें नहीं चल रही हैं। पर्याप्त मात्रा में चालक-परिचालक न होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है।
94 चालक और 81 परिचालक हुए रिलीव
जनरल मैनेजर की गाइडलाइन के तहत प्रतिदिन 20 चालक-परिचालकों को ही रिलीव किया जा रहा था। लेकिन अब 94 चालक व 81 परिचालकों को रिलीव करने के बाद व्यवस्था चरमरा गई है। यात्रियों को बसें न मिलने के कारण परेशान होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।
बसें न मिलने से लंबे रूट की बसों में सफर करने पर मजबूर यात्री
लोकल रूटों पर बस न मिलने के कारण यात्रियों को लंबे रूट की बसों में सफर करना पड़ रहा है। पहले लंबे रूट की बसों में भीड़ नहीं हाेती थी। लेकिन अब दो दिन से इन बसों में चढ़ना मुश्किल हो गया है। यात्रियों को आउटर पर ही उतरकर पैदल अपने गंतव्य स्थान तक जाना पड़ रहा है।
हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ का 29 को रोष प्रदर्शन
हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव अमित महराणा ने बताया कि ऑनलाइन तबादला नीति के तहत चालक व परिचालकों का गलत तरीके से तबादला किया है। बीमार कर्मचारियों को भी 100 किलोमीटर दूर भेजा गया है। इसके कारण रोहतक डिपो में भी यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। ऑनलाइन तबादला नीति के तहत एक भी नया कर्मचारी रोहतक के लिए नहीं दिया है। कर्मचारियों के साथ किए गए अन्याय को लेकर 29 मई को बस स्टैंड परिसर में रोष प्रदर्शन किया जाएगा। तबादला हुए कर्मचारियों की वापसी की मांग ही जाएगी। जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगले माह परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा का घेराव करने पर मजबूर होंगे।
आमजन से बातचीत
पिछले एक घंटे से फतेहाबाद जाने के लिए हिसार के अड्डे पर बस का इंतजार कर रहा हूं। अभी तक 4 प्राइवेट बस ही आकर वापस जा चुकी है। लेकिन रोडवेज की बस नहीं हा रही हैं। गर्मी में परेशान होना पड़ रहा हैं।
प्रदीप, यात्री
हिसार से 22 किलोमीटर आगे गांव में जाना है, लेकिन एक घंटे से रोडवेज बस नहीं मिल रही हैं। बस आई थी लेकिन उसमें भीड़ होने के कारण बैठने तक की जगह नहीं थी।
संदीप, यात्री
भिवानी जाने के लिए पिछले डेढ़ घंटे से बस नहीं मिल रही हैं। इंतजार करके भी थक चुके हैं। लेकिन अभी तक एक भी की बस नहीं आई हैं। सत्येंद्र, यात्री
वर्जन डिपों से ऑनलाइन तबादला नीति के तहत कई चालकों व परिचालकों के तबादले हुए हैं। इसके कारण शुरूआत में इस तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अभी स्टाफ की कमी नहीं होगी, जल्द ही इस पर काबू पा लिया जाएगा। हमारे पास सरप्लस स्टाफ है, यात्रियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- भारत भूषण गोगिया, रोडवेज महाप्रंबधक