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Rohtak News: जहां गाड़ा फरसा, वहां पर नहीं मनाया परशुराम जन्मोत्सव

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रोहतक। पहरावर आउटर बाईपास के साथ लगते खेतों में रविवार को परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। नवीन जयहिंद ने परशुराम मंदिर के लिए जहां फरसा गाड़ा था, वहां कानूनी कारणों के चलते आयोजन नहीं हो सका।
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हालांकि गांव से तीन किलोमीटर दूर आयोजित हुए कार्यक्रम की गूंज दूर तक सुनाई दी। कार्यक्रम स्थल पर सुबह 9 बजे हवन यज्ञ किया गया ओर सायं तक लोगों की भीड़ यहां जमा रही।
कार्यक्रम को लेकर सुबह नौ बजे ही लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। कुछ लोग ओमेक्स सिटी के पास वाली जमीन पर पहुंचे, लेकिन जब उन्हें पता चला तो वह गांव के आउटर बाईपास वाली जगह पर पहुंचे। दोपहर तक पंडाल पूरी तरह से भर गया। लगभग पौने दो बजे नवीन जयहिंद जन्मोत्सव स्थल पर पहुंचे। जहां लोगों ने उनका स्वागत किया। वह जैसे ही स्टेज के पास पहुंचे तो उनको स्टेज पर खड़े लाेगों ने खींच लिया और उन्हें सीढि़यों तक जाने ही नहीं दिया।
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मुंडन नहीं करवा सकती तो आईब्रो ही काटी
समाजसेवी प्रियंका ने कहा कि जिस समय नवीन जयहिंद ने मुंडन करवाया। उसके कुछ देर बाद ही उनके समर्थन में उन्होंने मशीन से अपनी आइब्रो काट ली। जल्द ही पहरावर की जमीन पर भगवान परशुराम का मंदिर बनवाएंगे। अगर किसी ने अड़चन डाली तो बक्शा नहीं जाएगा।

कार्यक्रम स्थल के पास लगी आग
जिस दौरान नवीन जयहिंद अपना भाषण दे रहे थे, उसी दौरान साथ लगते खेत के किनारे घास में आग लग गई। इसमें सड़क पर खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग पर काबू पाया। आग बुझने से पहले एक कार का पीछे की तरफ से बंपर जल गया था। लेकिन समय रहते उरे जलने से बचा लिया गया।

माथे पर लगाया चंदन का टीका
जन्मोत्सव स्थल पर मुंडन करवाने की व्यवस्था थी। इसमें 50 से ज्यादा युवाओं ने मुंडन करवाया और उनके माथे पर चंदन का टीका लगाया गया। चंदन लगा रहे सुनील ने बताया कि चंदन लगाने के बाद शरीर में शांति बनी रहती है।

फरसे को लेकर मारामारी
परशुराम जन्मोत्सव में फरसे वितरण के दौरान मारामारी रही। जैसे ही मंच से फरसे के वितरण की बात कही गई, युवा वहां पहुंच गए और फरसे बांटने वाले युवाओं को भागकर अपना पीछा छुड़ाना पड़ा।

लोगों ने दिखाई ईमानदारी
आयोजन में आए लोगों ने ईमानदारी का भी परिचय दिया। यहां किसी की चाबी गुम हुई तो किसी का पर्स गुम हो गया। कई लोगों का सामान बुलाकर दे दिया गया, वहीं कुछ जेब तराशों ने लोगों की जेब पर हाथ साफ किया।

गर्मी इतनी की जयहिंद सिर पर डाल रहे थे पानी
कार्यक्रम के दौरान पारा 42 डिग्री होने के कारण सभी के पसीने छूट रहे थे। नवीन जयहिंद ने भी गर्मी से बचने के लिए पानी की बोतल मंगवाई और अपने सिर पर डालनी शुरू कर दी।


मनोरंजन के लिए ढ़ोल-नगाड़ों, जादू शो, रागिनी का था इंतजाम
जन्मोत्सव में अलग-अलग जगहों से पहुंचे लोगों के लिए मनोरंजन के लिए ढोल नगाड़ों का इंतजाम था। इसके साथ ही लोगों ने जादू का शो और दादा लख्मीचंद की रागिनियों का लुत्फ उठाया। मंच पर भगवान परशुराम, शिव-पार्वती व अन्य देवी-देवाताओं के रूप में कलाकार पहुंचे थे। इनसे भक्तों ने आशीर्वाद लिया।


आकर्षण का केंद्र बना नन्हा अभिमन्यु
राहुल गांधी के साथ तीन किलोमीटर पैदल यात्रा करने वाला नन्हा अभिमन्यु जैसे ही परशुराम की वेशभूषा में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा सभी की नजरें उस पर टिक गईं। सभी ने उसके साथ सेल्फी ली।

मुंडनधारी होने की अनिवार्यता नहीं हुई कामयाब
मंच पर केवल मुंडनधारी ही रहेंगे, यह अनिवार्यता कामयाब नहीं हुई। हालांकि इस अनिवार्यता के चलते मंच पर कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं आ पाया। हालांकि कार्यक्रम में विभिन्न जाति वर्ग से उनके मुखिया आए थे और उन्होंने कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया। वहीं मंच पर सबसे पहले दादा दुलीचंद पहुंचे थे, उनके लिए विशेष तौर पर कुर्सी मंगाई गई थी। बाकी लोग नीचे व मंच पर बिछे गद्दों पर ही बैठे थे। नवीन जयहिंद ने बताया कि उन्हें कार्यक्रम करने से मना किया गया, लेकिन यह कार्यक्रम जिस जमीन पर हो रहा है उस व्यक्ति की शादी सीएम के गांव में हुई है। वहीं कार्यक्रम में महेंद्रगिरी पर्वत से कांवड लाए हरिओम का स्वागत किया गया और कहा गया कि अब हर साल परशुराम भगवान के नाम की कांवड आएगी और पहरावर मंदिर में चढ़ाई जाएगी।
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