झज्जर। जिला एफएलएन समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए अभिभावकों को एफएलएन के महत्व के बारे में जागरूक करने को कहा। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें पता चलेगा कि हमने कितनी अच्छी पुस्तकें और कार्य पुस्तकें दी हैं। कैसे हम बालगीत और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ा रहे हैं, कैसे हमारे बच्चे निपुण रामलीला और निपुण रिपोर्टिंग कर रहे हैं और कैसे प्रिंट रिच वातावरण में हम उनको पढ़ा रहे हैं। अभिभावक भी अपने बच्चे की पढ़ाई में योगदान दें, ताकि बच्चा अपनी कक्षा के अनुसार निपुण हो सके।
उन्होंने अध्यापकों से आह्वान किया कि निपुण कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम कितने अभिभावकों का विश्वास जीतने में सफल हुए हैं। वह मंगलवार को प्राथमिक शिक्षकों के लिए निपुण हरियाणा के तहत चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच के शुभारंभ पर खंड मातनहेल में पहुंचे थे। इससे पहले बैच एक में 39 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को कक्षा चार तथा पांच की पाठ्यचर्या की रूपरेखा से अवगत करवाया जाएगा। इन कक्षाओं की हिन्दी, अंग्रेजी तथा गणित की शिक्षक संदर्शिका, कार्य पुस्तिका, पूरे वर्ष में होने वाले आकलन, शिक्षण-अधिगम सामग्री आदि पर इन चार दिनों में विस्तार से चर्चा होगी एनसीईआरटी द्वारा तैयार किए गए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुसार शैक्षिक लक्ष्यों, उद्देश्यों तथा दक्षताओं में हुए परिवर्तनों के बारे में भी शिक्षकों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी मातनहेल डॉ. विजय बाला ने सभी शिक्षकों को संजीदगी से प्रशिक्षण लेकर विद्यालयों में इसके सभी आयामों को क्रियान्वित करने को कहा। दूसरे बैच के मास्टर ट्रेनर की भूमिका में बीआरपी वेद प्रकाश, एबीआरसी मोनिका शर्मा तथा सरिता मौजूद रहे और इस प्रशिक्षण के खंड समन्वयक का कार्यभार बीआरपी दिनेश को और तकनीकी समन्वयक का कार्यभार नीरज को सौंपा गया।