रोहतक। प्रदेश सरकार ने चाहे पहरावर की जमीन गौड़ ब्राह्मण संस्था को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अदालत में अब भी केस लंबित है। सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद अदालत में पेश हुए, जहां निगम की एक माह पहले दायर याचिका पर अदालत ने 20 सितंबर तक जवाब मांगा।
बचाव पक्ष के वकील गौरव भारती ने बताया कि नवीन जयहिंद ने 21 अप्रैल को भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाने का निर्णय लिया था, लेकिन नगर निगम दो दिन पहले अदालत में चला गया। याचिका दायर की गई कि नवीन जयहिंद ने कार्यक्रम के लिए निगम से कोई अनुमति नहीं ली। वह जमीन पर कब्जा कर सकता है, इसलिए उसे रोका जाए। अदालत ने स्टे ऑर्डर जारी करके कार्यक्रम करने पर रोक लगा दी थी। ऐसे में नवीन ने 21 मई को कार्यक्रम किया, जिसकी डीसी कार्यालय की तरफ से अनुमति दे दी गई थी। कार्यक्रम 21 मई को शांतिपूर्ण ढंग से हुआ, जबकि 22 मई को अदालत में सुनवाई पहले से तय थी।
जयहिंद के वकील ने बताया कि उम्मीद थी कि सोमवार को निगम एक माह पहले दायर याचिका को वापस ले लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अदालत ने नवीन जयहिंद से जवाब मांगा है।