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Rohtak News: सांस के मरीजों की ओपीडी हफ्ते में दोगुनी हुई

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06सीटीके23....  अस्पताल में निबुलाइजर से दवा लेती मरिज। संवाद
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रोहतक। सामान्य अस्पताल में शनिवार को भी सांस रोगियों की ओपीडी में बढ़ोतरी हुई है। कड़ाके की ठंड में भी सामान्य अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। उप चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि ठंड में सामान्यत: 1000 से 1200 की ओपीडी रहती है। वहीं गर्मियों में यह ओपीडी बढ़कर 2000 के पार चली जाती है।
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शनिवार सुबह 9 बजे से तीन बजे तक ओपीडी चली जिसमें सांस के करीब 300 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान इमरजेंसी कमरा नं 24 में कई मरीजों को भाप व अस्थमा के मरीजों को निबुलाइजर से दवा देकर राहत दी गई।
अस्थमा मरीज ठंड में यह न खाएं
एसएमओ डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि आइसक्रीम, अचार दही का सेवन करने से अस्थमा बढ़ सकता है। अस्थमा के मरीजों को ठंडे पदार्थ खाने से परहेज करना चाहिए। चाय या कॉफी का भी ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। सर्दी में मरीज की जरा सी लापरवाही उस पर भारी पड़ सकती है। इसलिए समय पर खानपान और दवा समय पर लेने की जरूरत है। इन दिनों धूम्रपान के मरीजों को सबसे ज्यादा समस्या होती है, क्योंकि ठंड में सांस की नलियां सिकुड़ने लगती है। इसलिए ठंड में धूम्रपान छोड़ने का सबसे सही समय है।
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वर्जन
सर्दियों में गर्मियों के मुकाबले ओपीडी कम रहती है। लेकिन इस दौरान ज्यादातर मरीज सांस व वायरल के ही आते हैं। मर्ज के हिसाब से मरीज का उपचार किया जा रहा है। निबुलाइजर की दवा व ऑक्सीजन सिलेंडर की भी पर्याप्त उपलब्धता है।
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-डॉ. मधुलिका, उप चिकित्सा अधीक्षक, सामान्य अस्पताल


सामान्य अस्पताल में सांस रोगियों की यूं बढ़ी ओपीडी
1 जनवरी को 150-180 मरीज
2 जनवरी को 220-250 मरीज
3 जनवरी को 250- 280 मरीज
4 जनवरी को 200-250 मरीज
5 जनवरी को 220 से 250 मरीज
6 जनवरी को 280 से 320 मरीज
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