रोहतक। ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले थम नहीं रहे हैं। शनिवार को पीजीआई थाना में धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज किया गया। ठगों ने पीजीआई के डॉक्टर को अपना निशाना बनाया है। व्यापारियों की बिक्री बढ़ाने में मदद के बदले कमीशन देने का लालच देकर रुपये उठे गए। ठगों ने 39000 रुपये मिलने के बाद 89000 रुपये का लक्ष्य तय किया तो डॉक्टर को ठगी का अंदेशा हुआ।
पुलिस को दी शिकायत में पीजीआई कैंपस में रहने वाले डॉ. राघव सिंह ने कहा है कि वह 25 सितंबर को ऑनलाइन यूपीआई फ्रॉड का शिकार हुआ। ऑनलाइन अंशकालिक नौकरी तलाश करते समय एक वेबसाइट पर क्लिक करने पर व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया। इस पर संपर्क करने पर नाम, उम्र व अन्य जानकारी मांगी गई। इंटरमॉल इंटरनेशनल की कर्मचारी ने व्यापारियों की बिक्री बढ़ाने में मदद करने की जिम्मेदारी दी। इस काम में उसने मेरी सहायता करने की बात भी कही। बदले में व्यापारी के सौंपे गए कार्य को पूरा करने के बाद कमीशन बोनस प्राप्त होगा। इसके बाद एक ऑनलाइन खाता बनाने के लिए कहा गया। इसमें साइनिंग बोनस के रूप में शुरू में 100 रुपये मिले। इसके बाद ऑर्डर मिला। काम के बदले कमीशन मिला। इससे पहले कि अपना पैसा खाते से निकाल पाता, 28 सितंबर को राशि में वीआईपी तीन पर कार्य आदेश मिला। इस पर उन्हें 2500, 7800,21000, 39000 रुपये भेजे। यह राशि भेजने के बाद लक्ष्य 89000 तय कर दिया गया। इसे मैंने पूरा नहीं किया। साइबर क्राइम वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करने का प्रयास किया तो शिकायत दर्ज नहीं हो पाई। मेरे साथ हुई ठगी मामले में कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।