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चार माह में हर तीसरे दिन एक लाख की ठगी, नए-नए तरीके अपना रहे ठग

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रोहतक। ऑनलाइन ठगी की वारदात नहीं थम रही हैं। ठग व चोर आपके मकान या दुकान में घुसने की बजाय अब सीधे बैंक अकाउंट से करोड़ों रुपये पर हाथ साफ कर रहे हैं। आलम यह है कि पिछले चार माह में ठग जिले के अंदर हर तीसरे दिन एक लाख से ज्यादा की राशि पर हाथ साफ कर चुके हैं। सेक्टर तीन में जहां ठगों ने एक महिला से नेट बैंकिंग चालू करने के नाम पर 90 हजार ठग लिए, वहीं पीजीआई के सुरक्षा ब्रांच के कर्मचारी से क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर 1 लाख 85 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। साइबर क्राइम थाने में दोनों केस दर्ज किए गए हैं।
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वारदात एक : मैसेज भेजकर भरवाया पैन कार्ड नंबर, ओटीपी भरते गए कट गए पैसे
पुलिस के मुताबिक सेक्टर तीन निवासी रेणुका ग्रोवर ने दी शिकायत में बताया कि उसके मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया, जिसमें नेट बैंकिंग चालू करने के बारे में लिखा हुआ था। साथ में एक लिंक भी दिया हुआ था। उसे लिंक पर क्लिक करके डिटेल भरने के लिए कहा गया। उसने क्लिक करके पैन कार्ड नंबर भर दिया। उसके बाद उसे एक ओटीपी मिला, ओटीपी नंबर भरते ही उसके खाते से 90 हजार रुपये कट गए। उसने बैंक में जाकर जांच करवाई तो पता चला कि उसके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है।
वारदात दो : पीजीआई के सिक्योरिटी कर्मचारी के खाते से निकले 1 लाख 85 हजार रुपये
वहीं, पीजीआई की सिक्योरिटी ब्रांच में कार्यरत मोखरा गांव निवासी ब्रह्मजीत ने दी शिकायत में बताया कि उसका एसबीआई में खाता है। 31 जुलाई को उसके पास एक युवती की कॉल आई। कॉल करने वाली ने कहा कि वह बैंक की कस्टमर केयर से बोल रही है। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए कहने लगी। उसने महिला की बातों पर विश्वास करके सहमति दे दी। उसने जैसे ही क्रेडिट कार्ड का नंबर बताया तो उसके मोबाइल पर ओटीपी आने लगे। उसने महिला को बताया कि ओटीपी के साथ जो राशि लिखी हुई है, उनकी ही लिमिट बढ़ जाएगी। उसने सभी ओटीपी बता दिए। उसने शक होने पर बैंक में जाकर अकाउंट स्टेटमेंट निकलवाई तो पता चला कि उसके खाते से 10 बार में 1 लाख 85 हजार 60 रुपये निकाले गए हैं।
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अकाउंट में पैसे आने के लिए नहीं होती ओटीपी जरूरी
साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर कुलदीप ने बताया कि आम लोगों को सबसे पहले समझना होगा कि बैंक अकाउंट के अंदर पैसे आने के लिए किसी ओटीपी की जरूरत नहीं होती। अगर कोई ओटीपी भेजकर पूछता है तो समझ लीजिए कि वह आपके अकाउंट से पैसे निकालना चाहता है।
एप डाउनलोड करने से बचें
एक्सपर्ट का कहना है कि धोखाधड़ी करते समय साइबर ठग आपसे एप डाउनलोड करने के लिए कहता है तो ऐसा न करें। खासकर एनीडेक्स, क्विक सपोर्ट व टीम विवर जैसी एप से बचें। क्योंकि ऐसा करने से कई बार आपके अकाउंट की डिटेल साइबर ठग तक चली जाती है।
कोरियर व तत्काल लोन का झांसा देकर
साइबर ठगी कोरियर भेजने व तत्काल लोन का झांसा देकर भी की जा रही है। ठग कोरियर भेजने के नाम पर कभी पते तो कभी मोबाइल नंबर की जांच के नाम पर ओटीपी भेजकर राशि हड़प लेते हैं। इतना ही नहीं तत्काल लोन दिलवाने का झांसा देकर भी लिंक भेजकर ठगी की जा रही है।
फर्जी लुभावने विज्ञापनों के झांसे में न आएं
साइबर ठग फर्जी विज्ञापन जारी करके लोगों करे लुभावने प्रस्ताव देते हैं। आम लोगों को ऐसे प्रस्तावों से बचना चाहिए। ऐसे में ऑनलाइन लेनदेन व खरीदारी करते समय इन बातों का ध्यान रखें-
- कोई भी वस्तु खरीदते समय राशि ई वॉलेट द्वारा एडवांस में न दें।
- कोई व्यक्ति किसी भी वस्तु को बेचने के लिए खुद को सैनिक बताता है और पहचान पत्र जारी करता है तो तत्काल उसके ऊपर विश्वास न करें। पहले इसकी जांच पड़ताल करें।
- ऑनलाइन लेनदेन की बात होने पर संभव हो तो सार्वजनिक स्थान पर मिलकर लेनदेन करें।
- ऑनलाइन खरीदारी करते समय दूसरे व्यक्ति से उसकी व्हाट्सएप लाइव लोकेशन प्राप्त करें।
- ऑनलाइन खरीदारी करते समय दूसरे व्यक्ति की व्हाट्सएप के जरिए की गई चैटिंग पर विश्वास न करें।
- ऑनलाइन खरीदारी करते समय दूसरे व्यक्ति द्वारा दी गई कोरियर स्लिप पर बिना जांच पड़ताल विश्वास न करें।
- ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई वस्तु प्राप्त करने से पहले किसी तरह की पेमेंट न करें।
साइबर क्राइम थाने में हर तीसरे दिन आ रहे केस
साइबर क्राइम की बढ़ती वारदात रोकने व आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर जिले में साइबर थाना खोला है। रोहतक में पहले रेंज स्तर पर थाना था, लेकिन अप्रैल माह से जिलास्तर पर बदल दिया गया। 4 अप्रैल से लेकर 5 अगस्त तक साइबर क्राइम थाने में 35 केस दर्ज हो चुके हैं, जिसमें ज्यादातर में एक लाख या इससे ज्यादा की ठगी की गई है।
रक्षाबंधन व जन्माष्टमी पर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
अगस्त माह में कई त्योहार आ रहे हैं। रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों को ऑनलाइन राखी भेज रही हैं। भाई बहनों को गिफ्ट भेज रहे हैं। इस मौके का साइबर ठग फायदा उठा सकते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि साइबर ठगों के झांसे में न आएं। इसके अलावा इसी माह जन्माष्टमी का भी त्योहार है। इसके लिए लोग ऑनलाइन खरीदारी भी करते हैं।
वर्जन-
साइबर क्राइम को सतर्कता से ही रोका जा सकता है। एएसपी मेधा भूषण के नेतृत्व में पुलिस की टीमें जागरूकता अभियान चला रही हैं। इसमें साइबर सेल व साइबर क्राइम थाने की टीम भी शामिल हैं। त्योहारों के समय ऑनलाइन खरीदारी करते समय बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। फिर भी किसी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त सेक्टर 14 स्थित साइबर थाने में या नजदीक थाने के अंदर हेल्प डेस्क को शिकायत दें।
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- उदय सिंह मीना, एसपी रोहतक
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