झज्जर। स्वास्थ्य विभाग के एनसीडी कार्यक्रम की ओर से नागरिक अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय अस्थमा दिवस मनाया गया एवं अस्थमा दिवस पर आमजन को जानकारी देकर जागरूक किया गया। एनसीडी कार्यक्रम अधिकारी उप सिविल सर्जन डॉ. मनोज कुमार सैनी ने कहा कि अस्थमा जैसी बीमारी के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि अस्थमा ऐसी बीमारी है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक को परेशान करती है।
डॉ. मनोज ने बताया कि अस्थमा से बचने के लिए हमें जागरूक होना पड़ेगा, क्योंकि यह बीमारी धूल मिट्टी प्रदूषण एवं बदलते मौसम की वजह से होती है। बढ़ता धुआं प्रदूषण सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। किसान खेती कर उसके बाद बचे अवशेषों को जला देता है। सबसे ज्यादा नुकसान चाहे वह गांव में हो या हो शहरों में अस्थमा के मरीजों को हानि पहुंचाने का कार्य करता है। एनसीडी कार्यक्रम जिला समन्वयक डॉ. मनीष सैनी ने बताया कि बीमारियों की जांच समय-समय पर करवाते रहना चाहिए एवं सावधानी रखनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जिला अर्श काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा ने करते हुए उपस्थित आमजन एवं किशोर किशोरियों को कहा कि अस्थमा जैसी बीमारी से बचने के लिए हमें अच्छे खानपान के प्रयोग को आगे लाना होगा एवं प्रतिदिन योग अभ्यास के साथ अपनी शुरुआत करनी होगी। अस्थमा दिवस पर एनसीडी क्लीनिक नर्सिंग ऑफिसर सोनी गिरावड ने आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग कर बीपी, शुगर की जांच की एवं अस्थमा जैसी बीमारी के बारे में जागरूक किया गया। इस मौके पर डॉक्टर सुरेंद्र कुमार दहिया, अंजू मौजूद रहे।