रोहतक। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से संचालित ज्ञान भारतम मिशन के तहत उपलब्ध पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं डिजिटलीकरण की दिशा में कार्य करें। ज्ञान भारतम मिशन का उद्देश्य देशभर में उपलब्ध प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों, पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों की पहचान कर आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनका संरक्षण सुनिश्चित करना है। इससे आने वाली पीढि़यों के लिए ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकता है। वीरवार को उपायुक्त कैंप कार्यालय में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान उच्च शिक्षा विभाग एवं आयुष विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से 12 अप्रैल 2025 को ज्ञान भारतम वेब पोर्टल का शुभारंभ किया गया था। सरकार राष्ट्रीय पांडुलिपी सर्वेक्षण करा रही है। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देशभर में उपलब्ध प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण सुनिश्चित करना है। ब्यूरो