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Rohtak News: अधिकारी की भूमिका की भी होगी जांच, 7 लाख जेब में जाने का शक

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रोहतक। नगर निगम की एनओसी के नाम पर 41.27 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए मोड़ ले रही है। अब तक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी पटवारी को साढ़े 12 लाख रुपये मिले। इतना ही नहीं पुलिस के सामने सवाल आया है कि पूरे खेल में एक बड़ा अधिकारी तो शामिल नहीं है क्योंकि सात लाख रुपये किसी की जेब में जाने की बात सामने आ रही है। बुधवार को जेएमआईसी अभिमन्यु राजपूत की अदालत में मौखिक तौर पर जांच टीम ने यह संभावना व्यक्त की। ऐसे में कानूनगो और पटवारी के बाद तीसरे आरोपी पर भी गाज गिर सकती है। अदालत ने आरोपी पटवारी को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
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पांच दिसंबर को कुताना निवासी मनेंद्र ने आर्य नगर थाने में शिकायत दी थी कि वह और उसकी दो बहन अपने हिस्से की जमीन अपनी मां के नाम कराना चाहते थे। इसके लिए निगम के कानूनगो संदीप खोखर व मोनू दहिया से बात की तो उन्होंने एनओसी व दूसरे कार्यों के नाम पर 41.27 लाख रुपये ले लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी पटवारी सुमित उर्फ मोनू दहिया को जांच टीम ने बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां आरोपी का रिमांड मांगा गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी मोनू के हिस्से में साढ़े 12 लाख रुपये आए हैं। आरोपी ने कुछ राशि प्रॉपर्टी में निवेश की है। साथ ही बची राशि को बरामद किया जाना है।
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कानूनगो मुख्य खिलाड़ी, आज होगी अदालत में पेशी
उधर, पहले से गिरफ्तार नगर निगम के कानूनगो कम पटवारी संदीप खोखर को पुलिस वीरवार को पांच दिन का रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश करेगी। अदालत में पुलिस बताएगी कि आरोपी से कितनी रिकवरी हुई या नहीं। दोबारा रिमांड की जरूरत है या नहीं।
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वर्जन
आरोपी पटवारी से पूछताछ में पता चला है कि उसके हिस्से में साढ़े 12 लाख रुपये आए। रिकवरी करने के लिए आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूरे प्रकरण में किसी बड़े अधिकारी की भूमिका है या नहीं, रिश्वत ली गई राशि किस-किस के हिस्से में आई इस दृष्टिकोण से भी जांच कर रहे हैं।
रवि खुंडिया, डीएसपी मुख्यालय
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अदालत में आरोपी पटवारी को पेश कर पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया है। जांच टीम से मांग की जाती है कि पूरी रिकवरी की जाए। अगर कोई अधिकारी केस में हैं तो उसे भी बख्शा न जाए।
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सुशील पांचाल, वकील पीड़ित पक्ष
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