रोहतक। सेवा, सुरक्षा व सहयोग का नारा देने वाली रोहतक पुलिस फिर सवालों के घेरे में है। शहर के अशोका चौक पर पीजीआई से घर लौट रही नर्सिंग ऑफिसर को पुलिस के ही शव वाहन ने साइड मार दी। आरोप है कि चौक पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने चालक को पकड़ने के बजाय भगा दिया। अब 12 दिन बाद आर्य नगर थाने में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग का केस दर्ज किया है।
कलानौर मैन बाजार निवासी विद्या ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पीजीआई में नर्सिंग ऑफिसर है। 25 जुलाई को ड्यूटी के बाद शाम चार बजे वह स्कूटी से घर लौट रही थी। अशोका चौक पहुंची तो सड़क पर अतिक्रमण के चलते काफी दोपहिया वाहन खड़े थे। वह ऑटो के बराबर से स्कूटी निकालने लगी तो पीछे से पुलिस की गाड़ी आई। उसके पीछे एक ट्राॅली जुड़ी थी, इसमें लावारिश शव पीजीआई ले जाते हैं। चालक ने लापरवाही कर गाड़ी आगे बढ़ा दी। वह ट्राॅली की चपेट में आ गई, इससे उसका पैर जख्मी हो गया।
चौक पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भगा दिया चालक
विद्या का आरोप है कि चौक पर उस समय पुलिसकर्मी खड़े थे। उन्हाेंने पुलिस के वाहन चालक को पकड़ने के बजाय भगा दिया, जबकि पुलिस का काम है आरोपी को पकड़ना और घायल को अस्पताल पहुंचाना। आसपास के लोगों ने उसे उठाया। इसके बाद उसने अपने पति राजेश सक्सेना व भांजे प्रतीक को फोन किया। प्रतीक व उसके दोस्त ने उसे पीजीआई में दाखिल कराया।
पति बोला-12 दिन बाद केस दर्ज किया, एसपी से मिलूंगा
घायल नर्सिंग ऑफिसर विद्या के प्रति राजेश सक्सेना का कहना है कि उन्होंने हादसे के तुरंत बाद 112 पर कॉल की थी। 12 दिन बाद आर्य नगर थाने से पुलिस कर्मचारी बयान लेने के लिए सोमवार को घर आए। उनसे समझौते के लिए भी कहा जा रहा है। उसकी पत्नी चल नहीं पा रही है। पैर पर जगह-जगह चोट लगी है। न्याय के लिए एसपी से मिलूंगा।
अब दिए हैं बयान, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे
घटना की सूचना पर पुलिस घायल के बयान लेने गई थी, लेकिन उस समय कहा गया कि बाद में बयान देंगे। अब घर जाकर पुलिस बयान लेकर आई है। केस दर्ज कर चौक पर लगे सीसीटीवी फैमरे खंगाल रहे हैं। उन्होंने पता कर लिया है कि शव वाहन रोहतक पुलिस का नहीं है। ऐसे में संभव है कि दूसरे जिले की पुलिस की गाड़ी न हो।
-इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार, प्रभारी थाना आर्य नगर