18jjrp10 कुलाना में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला।संवाद
झज्जर। सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक परिवार पहचान पत्र या आधार कार्ड के बिना भी दाखिले कर पाएंगे। ऐसे बच्चों के माता-पिता या संरक्षक से बच्चों को उम्र का शपथ पत्र मान्य होगा। प्रदेश के कई जिलों में शिक्षकों द्वारा आधार कार्ड या परिवार पहचान पत्र न होने की स्थिति में दाखिले नहीं किए जाने की शिकायत स्कूल शिक्षा निदेशालय के पास आ रही थी। अब विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है।
विभाग ने पत्र में स्पष्ट किया है कि आरटीई एक्ट 2009 की अनुपालना में पड़ोसी सरकारी स्कूलों द्वारा दाखिले की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी को तुरंत दाखिला दिया जाए। स्कूल के दाखिला-खारिज रजिस्टर में उसका नामांकन करके शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दी जाने वाली निशुल्क पाठ्य पुस्तकें, कार्य पुस्तकें प्रदान की जाएं। नामांकन की आयु के साक्ष्य के दस्तावेज के लिए हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 के नियम 9 (1) में व्यवस्था की गई है। यदि आवेदक बालक के पास जन्म का प्रमाण पत्र नहीं है तो आंगनबाड़ी अभिलेख, अस्पताल या नर्स या दाई के रजिस्टर का अभिलेख लगाए। यदि यह भी उपलब्ध नहीं है तो माता-पिता या संरक्षक द्वारा बालक की आयु का शपथ पत्र भी मान्य होगा। इसलिए परिवार पहचान पत्र व आधार कार्ड न होने की स्थिति में बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जाए। विद्यार्थियों का डेटा एमआईएस पर अपलोड करने के लिए अलग से विभाग व्यवस्था करेगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने कहा कि आधार कार्ड या परिवार पहचान पत्र या अन्य आयु प्रमाण पत्र न होने पर अब माता-पिता या संरक्षक से बच्चे की आयु का शपथ पत्र लेकर भी दाखिले किए जा सकते हैं। इसके लिए मुख्यालय की तरफ से आदेश जारी हुए हैं।