रोहतक। अब बच्चे दादा-दादी व नाना-नानी के साथ खेल-खेल में पढ़ाई करेंगे। शीतकालीन अवकाश में शिक्षा विभाग ने होमवर्क कराने के लिए यह अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत विभाग ने गतिविधियां जारी की हैं। इनमें बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई व होमवर्क करेंगे। इन गतिविधियों पर कोई पैसा खर्च न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है।
जिले में 1 से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश में निपुण कार्यक्रम व राष्ट्रीय पाठ्यचर्या एनसीएफ की अनुपालना में होमवर्क में बदलाव किया गया है। नए बदलाव के तहत होमवर्क परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर किया जाएगा। इसमें नाना-नानी, दादा-दादी मेंटर की भूमिका निभाएंगे व अपने अनुभवों के साथ नई पीढ़ी को संस्कार, मार्गदर्शन, दक्षता, कौशल, व्यवहार कुशलता प्रदान करेंगे। सभी गतिविधियां विद्यार्थियों के शब्दकोष का विस्तार करेंगी। बच्चे आकलन, अनुमान लगाना, विश्लेषक, एकीकरण, पृथकरण सीखेंगे। इसमें अपनी मातृभाषा में गीत, लोकगीत, पहेलियां कहानियां, वृतांत, किस्से व 20वीं सदी के विचार, रिवाज, परिवार के सदस्यों की पिछली पीढ़ियों की जानकारी प्राप्त करेंगे। सभी गतिविधियां परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ लगाव व जुड़ाव का वातावरण बनाने में सहायक होंगी।
बच्चे परिवार के साथ मिलकर ये-ये काम करेंगे
-01 से 15 जनवरी तक प्रतिदिन अधिकतम व न्यूनतम तापमान लिखना।
-10 दिन में प्रतिदिन कितने घंटे धूप निकली उसे लिखना।
-सूर्योदय और सूर्यास्त का समय नोट करना।
-दादा-दादी, नाना-नानी अथवा बड़ों के पांव दबाना, उनके साथ धूप में खेलना।
-चुटकुले याद करना औैर सुनाना। सांप-सीढी, लूडो, कैरम आदि गेम खेलना।
-दादा-दादी, नाना-नानी से मिलकर फैमिली ट्री बनाना।
वर्जन
बच्चे विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बहुत कुछ सीखेगें। विद्यार्थियों के शब्दकोष का विस्तार होगा। बच्चों की डायरी में भी लिखा गया है कि माता-पिता इन गतिविधियों पर ध्यान दें। साथ ही बच्चों को रोजाना ये गतिविधियां कराना सुनिश्चित करें।
- दिलजीत सिंह, डीईईओ।