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आम ही नहीं, खास भी हो रहे ठगी का शिकार

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रोहतक। साइबर ठग आम आदमी ही नहीं, बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों को भी अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये हड़प रहे हैं। महिला विवि खानपुर की प्रोफेसर के परिचित बनकर दो लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि सूर्या कालोनी की महिला से एक लाख 13 हजार की ठगी हो गई। वहीं, सांघी गांव के युवक के खाते से एक लाख रुपये फर्जीवाड़ा करके ट्रांसफर किए गए हैं। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया है।
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केस नंबर एक :
वीसी का फोटो लगाकर की कॉल, महिला प्रोफेसर से दो लाख ठगे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक महिला विवि खानपुर की प्रोफेसर श्वेता सिंह रोहतक में रहती हैं। उन्होंने शिकायत दी है कि 27 जुलाई को उसके पास वाट्सअप कॉल आई। नंबर के साथ वीसी प्रोफेसर सुदेश का फोटो था। साथ में नाम लिखा हुआ था। कॉल करने वाले ने नाम व लोकेशन पूछी। मैसेज में पैसे भेजने के लिए कहा गया था। उन्हें अपने पुत्र की मदद के लिए तत्काल 2 लाख रुपये चाहिए। इसके लिए 20 गिफ्ट लिंक भेजे गए। उसने विश्वास करके सभी लिंक पर क्लिक कर दिया। उसके खाते से प्रति लिंक 10 हजार के हिसाब से दो लाख रुपये कट गए। इसके बाद 60 लिंक भेजकर और पैसे मांगे गए तो उसे शक हुआ। उसने वीसी को निजी नंबर पर कॉल की। पता चला कि जिस नंबर से कॉल आई थी, वह नंबर वीसी का नहीं था। उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।
केस नंबर दो :
सांघी के युवक से ऐप डाउनलोड करवाकर 1.13 लाख हड़पे
सांघी गांव निवासी देवेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके तीन बैंक खाते हैं, जिनमें उसका नंबर लिंक हैं। उसके पास डेबिट कार्ड अपडेट कराने का मैसेज आया। उसने गूगल पर एसबीआई का कस्टमर केयर नंबर सर्च कर बात की। थोड़ी देर बाद ही नंबर कट गया। दोबारा फोन आया, कहा गया कि वह कस्टमर केयर से बोल रहा है। एटीएम कार्ड लेने के बारे में बात की तो प्रोसेस के बहाने आरोपी ने उससे क्विक सपोर्ट एप्लिकेशन ऐप डाउनलोड करवा ली। इसके बाद उसके खाते से करीब 1 लाख 13 हजार रुपये कट गए।
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केस नंबर तीन :
क्रेडिट कार्ड चालू करने के नाम पर एक लाख हड़पे
पुलिस के मुुताबिक सूर्या कॉलोनी निवासी ज्योति ने दी शिकायत में बताया कि उसने निजी बैंक से लोन लिया था। 18 जुलाई को उसके पास कॉल आई। पूछा कि आपके पास क्रेडिट कार्ड आ गया है। अब आप ऑनलाइन ही क्रेडिट कार्ड चालू करेंगी या बैंक में आएंगी। उसने ऑनलाइन ही क्रेडिट कार्ड चालू करने की सहमति दे दी। क्रेडिट कार्ड चालू करने के लिए तीन कोड मोबाइल पर भेजकर पूछ लिए। इसके बाद उसे एक लाख रुपये कटने का मैसेज आ गया। उसने बैंक में जाकर पूछताछ की तो बताया गया कि यह नंबर बैंक का नहीं है।
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