रोहतक। पीजीआईएमएस में सही समय पर और सही जवाब न देने पर संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। इसमें संस्थान के मुख्य नोडल अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं होगी। इसलिए सभी विभागाध्यक्ष व यूनिट अध्यक्ष अपना जवाब सही समय पर और पूरा दें। संस्थान निदेशक की ओर से पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों, यूनिट हैड व विभिन्न शाखाओं में तैनात नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह आरटीआई में पूछे गए सवालों का जवाब तय समय में दें। इसके लिए सभी को तीन सप्ताह में जवाब देना होगा, क्योंकि सूचना मांगने वाले को एक माह में जवाब देना होता है। यदि उसे समय पर जवाब नहीं मिलता तो वह अपील में चला जाता है। गौरतलब है क पीजीआईएमएस में रोजाना आरटीआई लगती हैं। देरी से जवाब देने पर संस्थान के आरटीआई नोडल अधिकारी को चंडीगढ़ पेश होना पड़ता है। समय पर जवाब न देने के चलते संस्थान व अधिकारी पर जुर्माना लगता है। अब संस्थान में संबंधित विभाग का अधिकारी ही आर्थिक दंड व अन्य के लिए जिम्मेदार होगा।