09सीटीके33...मायना गांव के पास नहर में बच्चो की तलाश करती एनडीआरएफ की टीम। संवाद
रोहतक। जवाहर लाल नेहरू कैनाल में रविवार को डूबे दो सगे भाईयों 15 साल के हिमांशु व 12 साल के निकित का कोई सुराग नहीं है। मंगलवार को पुलिस व एनडीआरएफ की टीम झज्जर में बाकरा हेड तक ढूंढकर वापस लौट आई। वहीं, हिमांशु की चप्पल 25 मीटर दूर नहर की पटरी पर मिली हैं। जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि 25 फीट गहरी जेएलएन में 18 से 20 फीट पानी चल रहा है, इस कारण दोनों भाईयों को ढूंढने में दिक्कत आ रही है।
यूपी के सहारनपुर जिले के गांव जांडखेड़ा निवासी मोनू कश्यप ने रविवार को शिकायत दी थी कि वह सब्जी मंडी में फलों की रेहड़ी लगाता है। सुबह 11 बजे उसका बेटा 15 वर्षीय हिमांशु व उससे छोटा 12 वर्षीय निकित खेलने गए थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं आए। दोनों को कई जगह तलाश किया। शिवाजी कॉलोनी थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। सुबह पता चला कि दोनों भाई गली के 12 साल के बच्चे साथ स्कूटी पर देखे गए थे। जब उसे बच्चे से परिजनों ने पूछा तो पहले तो उसने कुछ नहीं बताया। बाद में बोला, तीनों स्कूटी पर सुनारिया गांव के नजदीक जवाहर लाल नेहरू कैनाल पर गए थे। वहां पर हिमांशु व निकित डूब गए हैं, लेकिन पुलिस व एनडीआरएफ की टीम उनको ढूंढ नहीं सकी है।