रहस्यमयी बुखार चर्चा में है। कुछ इलाकों में ऐसे केस मिलने के बाद पीजीआईएमईआर के कम्युनिटी विभाग की टीम हरकत में आ गई है। जिले में फिलहाल इस तरह का कोई केस सामने नहीं आया है। पीजीआईएमएस ने रहस्यमयी बुखार से निपटने के लिए 20 बेड का वार्ड व अन्य तैयारियां कर ली हैं।
बदलते मौसम में वायरल बढ़ गया है। इसके चलते ओपीडी व आपातकालीन विभाग मरीजों से अटे पड़े हैं। इसमें बुखार, खांसी, जुकाम, टायफायड, निमोनिया के मरीज मुख्य हैं। सिविल अस्पताल ही नहीं पीजीआई की ओपीडी व आपात विभाग में भी करीब 400 मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि इन दिनों डेंगू व मलेरिया के मरीजों की अधिकता रहती है, मगर गनीमत है कि अब तक जिले में ऐसा नहीं है। मच्छरजनित रोग नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
अज्ञात बुखार से जिला फिलहाल सुरक्षित
प्रदेश के कुछ जिलों में रहस्यमयी बुखार का प्रकोप सामने आया है। इसे लेकर पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ की टीम काम कर रही है। फिलहाल इस बुखार के बारे में स्थिति अस्पष्ट है। पीजीआईएमएस रोहतक के कम्युनिटी मेडिसन विभाग के एक प्रोफेसर ने बताया कि यह एक ऐसा बुखार बताया जा रहा है, जिसमें जांच कराने पर कुछ भी सामने नहीं आता है। फिलहाल इस तरह का कोई बुखार या केस सामने नहीं आया है। ऐसी कोई स्थिति बनती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
पीजीआई पहले से है तैयार
कोविड के बाद किसी अनजाने व आकस्मिक आने वाले खतरे को लेकर पीजीआई पहले से सतर्क है। इसी कड़ी में आपात विभाग के साथ ही 20 बेड का वार्ड तैयार किया गया है। किसी बीमारी या बुखार के मरीज अधिक आते हैं तो उन्हें इस वार्ड में रखा जाएगा। यहां अलग से मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है। -प्रो. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस।
संस्थान में मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। इमरजेंसी में मरीजों की काफी भीड़ है। बुखार, खांसी, जुकाम, वायरल के केस ज्यादा हैं। मरीजों के लिए करीब 30 बेड तीन नंबर कमरे में उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर और बेड बढ़ाए जा सकते हैं। -डॉ. संदीप, डीएमएस, इमरजेंसी, पीजीआई रोहतक।