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Rohtak News: बगैर मंजूरी और अवैध जगह चल रहीं नौ पुलिस चौकियां थानों में होंगी मर्ज

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रोहतक।
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जिले के विभिन्न थानों की नौ पुलिस चौकियां बंद होने जा रही हैं। इन्हें थानों में मर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत चौकी का रिकाॅर्ड व जरूरी सामान थानों में भेजा जा रहा है। इसके पीछे पुलिसकर्मियों की कमी, चौकियों में लगातार सामने आ रहीं शिकायतें या बगैर मंजूरी व अवैध जगह चलने सहित कई कारणों के कयास लगाए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों की मानें तो रेशनेलाइजेशन (युक्तिकरण) के तहत जरूरत के हिसाब से चौकी बनाई जाएंगी। इसमें थाने से चौकी की दूरी, अपराध की अधिकता व अन्य मामलों को ध्यान में रखा जाएगा। इससे किराये के भवन खाली हो जाएंगे। सरकारी भवनों को यातायात थाना, चालान शाखा, नारकोटिक्स थाना व अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाएगा।
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नशा बेचने वालों के निरंकुश होने का खतरा

शहर में गोकर्ण चौकी व इंदिरा कॉलोनी पुलिस चौकी कुछ साल पहले नशे पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इन इलाकों में नशे से जुड़े लोगों के सक्रिय होने व नशा करने वालों की अधिकता के चलते चौकी की मांग भी उठी थी। चौकी बनने के बाद से इन चौकियों में नशे से जुड़े मामले भी बड़ी संख्या में दर्ज हुए। चौकी के होने से संबंधित इलाकों में पुलिस का खौफ बना रहा। अब चौकी हटने से फिर से इलाके में नशा बेचने वालों निरंकुश होने का अंदेशा है। इस खतरे से बचने के लिए पुलिस को पुख्ता बंदोबस्त करने होंगे।

सेक्टरवासी उठा रहे चौकी न हटाने की आवाज

पुलिस विभाग ने शहर के सेक्टर एक व सेक्टर 14 से चौकियां हटाने का निर्देश जारी कर दिया है। इसका सेक्टरवासी विरोध कर रहे हैं। सेक्टर की दोनों चौकियां बनाए रखने की मांग को लेकर आवाज उठाई जा रही है। इसी कड़ी में वीरवार शाम को सेक्टर तीन के सीनियर सिटिजन क्लब में विभिन्न सेक्टरों के रेडिजेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) प्रतिनिधियों ने बैठक की। यहां विभाग के इस फैसले को गलत ठहराते हुए चौकियां न उठाने की मांग की गई। वार्ड 11 के पाषर्द कदम सिंह अहलावत ने कहा कि सेक्टर की सुरक्षा के लिए चौकियां जरूरी है। इन्हें न हटाया जाए। यही फैसला सभी आरडब्लूए प्रतिनिधियों ने लिया है। इस संबंध में बुधवार को आईजी को उनके कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपा गया है।

ये चौकियां होंगी थानों में मर्ज

शहर में इंदिरा कॉलोनी, गोकर्ण, जनता कॉलोनी, अनाज मंडी, गांधी कैंप, सेक्टर एक व सेक्टर 14 की चौकी संबंधित थाने में मर्ज होगी। शहर से बाहर कंसाला चौकी व सिटी कलानौर चौकी संबंधित थाने में मर्ज की जाएगी। चौकी हटन के बाद खाली हुई गोकर्ण चौकी में यातायात थाना की पश्चिमी शाखा व सेक्टर 14 चौकी में पूर्वी शाखा स्थापित की जाएगी। इससे इन इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बनी रहेगी। सेक्टर एक में चालान शाखा शुरू की जाएगी। इस सुविधा से चालान भरने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

पुलिस की हर सुविधा ऑनलाइन, जाने की जरूरत ही नहीं

पुलिस विभाग की हर सुविधा अब ऑनलाइन है। ऐसे में लोगों को चौकी या थाने जाने की जरूरत ही नहीं है। किसी तरह की शिकायत या सूचना देनी है तो इसके लिए संपर्क नंबर हैं। ऑनलाइन पोर्टल भी हैं। यहां लोग अपने घर बैठे शिकायत या जानकारी भेज सकते हैं। जांच अधिकारी को अपने अनुसंधान के लिए थाने में चौकी से बेहतर सुविधा व माहौल मिलेगा। यहां रह कर वह अपना काम कर सकेगा। लोगों से मिलना होगा तो वह उनके पास जाएगा।

जिले में पुलिस के कुल 2000 जवान

पुलिस विभाग में कुल 2000 जवान हैं। इनके भरोसे जिले की सुरक्षा है। इनमें से बड़ी संख्या में लोग एसपी कार्यालय, कंट्रोल रूम में तैनात हैं। इसके अलावा यातायात व्यवस्था बनाने, वीआईपी या अन्य लोगों की सुरक्षा देने में भी बड़ी संख्या में जवान नियुक्त हैं। कुछ पुलिस लाइन, कोर्ट व अन्य जरूरी कामों के लिए तैनात हैं। शेष करीब 1500 जवान जिले के थानों व चौकियों में हैं। इनमें से ही शहरी इलाके में गश्ती दल, बाइक राइडर, डायल 112 की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। जेल से कैदियों व बंदियों को अदालत में सुनवाई के लिए लाने ले जाने व समन ड्यूटी भी देनी होती है। इन सब कार्यों के लिए मौजूदा जवान कम पड़ते हैं। जिले की आबादी के हिसाब से कम से कम वर्तमान जवानों से दो गुना अधिक जवानों की जरूरत है।
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जिले की कुछ चौकियां थानों में मर्ज की गई हैं। रेशनेलाइजेशन के तहत यह किया जा रहा है। कुछ चौकियों की मंजूरी नहीं थी। कुछ अवैध जगह पर चल रही हैं। ऐसे में थानों में चौकी मर्ज कर बेहतर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है। जरूरत के हिसाब चौकी बनाई जाएगी। चौकी हटाने के बाद खाली जगह पर भी पुलिस की मौजूदगी रहेगी। चौकी भवन यातायात थाना, चालान शाखा व अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किया जाएगा। लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। किसी भी शिकायत के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है। इसलिए लोगों को चौकी जाने की जरूरत ही नहीं है।
हिमांशु गर्ग, पुलिस अधीक्षक।
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