रोहतक। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम बुधवार को साढ़े तीन घंटे कारोर में रही और जेल में बंद अनिल छिप्पी के बारे में पूछताछ की। उधर, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जेल से जमानत पर आए कारोर के ही गांव के पूर्व सरपंच राजेश उर्फ पुरु और रिटौली में पूर्व सरपंच नरेंद्र उर्फ बबलू के घर जांच की।
एनआईए की तरफ से जिला पुलिस को सुबह सूचना दी गई कि कारोर गांव निवासी अनिल छिप्पी के बारे में जांच करनी है। इसके लिए पुलिस सुरक्षा बल चाहिए। पुलिस लाइन से एक टीम एनआईए को दी गई। सुबह करीब साढ़े पांच बजे एनआईए की पांच सदस्यीय टीम ने गांव में दबिश दी। अनिल छिप्पी के पड़ोसियों से उसकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ की। साथ ही गांव के सरपंच महिपाल को बुलाया गया। महिपाल ने पुलिस को बताया कि अनिल छिप्पी व उसका परिवार 15 साल से गांव नहीं आया है। पहले भी आई एनआईए की टीम को अवगत कराया गया था। अब भी लिखित में सरपंच ने जांच टीम को अवगत कराया। करीब 9 बजकर 40 मिनट पर एनआईए की टीम जांच के बाद चली गई।
एसटीएफ ने कारोर के साथ रिटौली में दी दबिश
उधर, एसटीएफ रोहतक की टीम भी कारोर गांव में पहुंची और पूर्व सरपंच राजेश उर्फ पुरु से पूछताछ की। पुरु अभी जमानत पर बाहर आया है। इसके अलावा एसटीएफ की टीम इंस्पेक्टर अब्दुल्ला के नेतृत्व में रिटौली गांव में पहुंची, जहां पूर्व सरपंच नरेंद्र उर्फ बबलू के परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की। बबलू न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है। साथ ही वर्ष 2019 से फरार डेढ़ लाख के इनामी हिमांशु उर्फ भाऊ का परिवार से है और रिश्ते में उसका चाचा लगता है।
दोनों गांवों में चलती रही है खूनी रंजिश
जिले में लंबे समय से कारोर व रिटौली में खूनी रंजिश चलती रही है। कारोर में पूर्व सरपंच श्रीभगवान गुट व अनिल छिप्पी गुट के बीच हुई रंजिश में कई लोगों की जान जा चुकी है। पूर्व सरपंच श्रीभगवान व उसके भाई की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब पुलिस उनको अदालत में पेश कर झज्जर के रास्ते भौंडसी जेल लेकर जा रही थी। जबकि अनिल लंबे समय से जेल में ही बंद है। जबकि रिटौली में भाऊ व अंकित गुट के बीच रंजिश चली। पिछले साल मार्च माह में दो सप्ताह के अंतराल में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस अंकित व उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन भाऊ वर्ष 2019 के बाद से फरार है। उसके विदेश भागने की संभावना है।