23सीटीके43...पठानिया वर्ल्ड कैंपस की ओर से सोसर्ग स्टूडियो में आयोजित घरफूंक थियेटर सीरीज में क
रोहतक। केंद्र सरकार का बजट किसान व कर्मचारी वर्ग के लिए राहत भरा है। इसमें कृषि क्षेत्र व ग्रामीण विकास पर खास ध्यान दिया गया है। पिछले वर्ष के आंकड़ों की तुलना इस वर्ष बजट में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि है। यदि मुद्रास्फीति को ध्यान में रखें तो वास्तविक रूप से यह वृद्धि दो या तीन प्रतिशत से अधिक नहीं है। इसलिए वास्तविक रूप से बजट बढ़ाने की जरूरत है। बजट का फोकस कृषि व ग्रामीण विकास पर है। राज्यों को स्थानांतरण, आईसीटी व ग्रामीण विकास के बजट में पर्याप्त वृद्धि हुई है। कर्मचारी के लिए टैक्स छूट की मानक कटौती 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दी गई है। राजकोषीय अनुशासन के पक्ष में देखें तो कोविड-19 के बाद पहली बार सरकार ने राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पांच प्रतिशत से कम तय किया है। राज्यों को नेट ट्रांसफर बढ़ने से राज्यों बोझ कम होगा। रोजगार सृजन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
डाॅ. राजेश कुमार, अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, एमडीयूू।
बजट एमएसएमई के लिए काफी उत्साहवर्धक है। इसमें धन की उपलब्धता में तेजी लाना मुख्य बिंदू है। इससे एमएसएमई को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी व कार्यशील पूंजी के लिए उनकी आवश्यकताएं कम होंगी। सूक्ष्म व लघु इकाइयों में अधिक ध्यान दिया गया है। हरियाणा व्यापार मंडल की वर्षों पुरानी मांगें, व्यापारियों को पेंशन देने का मामला, व्यापारी को टैक्स कलेक्टर का दर्जा देना, व्यापारी क्रेडिट कार्ड देना, व्यापारी राहत कोष की स्थापना, इस बजट में भी नहीं मानी गई।
विजय लक्ष्मी चंद गुप्ता, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल।