सुनारिया में नगर निगम की जमीन पर एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) प्रदेश का दूसरा क्षेत्रीय केंद्र बनाने की तैयारी कर रहा है। इस मामले में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एनडीआरएफ व नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ आईजी ने मौके का मुआयना करते हुए नगर निगम प्रशासन से इस बारे में जानकारी जुटाई। हालांकि अभी जगह निश्चित नहीं की गई है। एनडीआरएफ के अधिकारी बाद में जगह निश्चित कर इस बारे में नगर निगम प्रशासन को सूचित करेंगे। इसके बाद ही जमीन देने का प्रस्ताव नगर निगम की हाउस मीटिंग में रखा जाएगा। हाउस में जमीन देने के प्रस्ताव पर रिपोर्ट देनी है। आगामी कार्रवाई गृह मंत्रालय करेगा। इस संबंध में एनडीआरएफ अधिकारियों ने उपायुक्त से भी बातचीत की।
नगर निगम ने एनडीआरएफ की टीम को जेल रोड की बाई तरफ व सुनारिया से डोभ रोड पर केंद्र के निर्माण के लिए जमीन का प्रस्ताव दिया है। एनडीआरएफ केंद्र के निर्माण के लिए करीब चार एकड़ जमीन की जरूरत है। जेल रोड के पास दिखाई गई जगह रोड से करीब 15 फीट नीचे है। यहां पर बरसात के मौसम में जलभराव होता है। इसके दूसरी तरफ भी नगर निगम की जमीन है। इसी जगह पर लघु सचिवालय व प्रशासनिक विभागों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा डोभ रोड पर दिखाई गई जगह मुख्य रास्ते पर न होकर संपर्क रास्ते पर स्थित है। निर्माण के लिए सही जगह को चिह्नित करने के लिए एनडीआरएफ की टीम में असिस्टेंट कमांडेंट इंजीनियर दिनेश कुमार गुप्ता भी शामिल रहे। संवाद
सुनारिया में बनेगा प्रदेश का दूसरा क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र
एनडीआरएफ का प्रदेश में पहला क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र पंचकूला में है। प्रदेश का दूसरा क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र रोहतक के सुनारिया में बनाना प्रस्तावित है। केंद्र में आपदा के समय एनडीआरएफ की एक स्थायी टीम तैनात रहेगी जो निगरानी और समन्वय का काम करेगी। केंद्र पर राहत कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों को भी रखा जाएगा।
निगम तहसीलदार शिवकुमार सैनी ने बताया कि सुनारिया में चार हिस्सों में नगर निगम की करीब 130 एकड़ जमीन है। जेल रोड के दोनों तरफ, डोभ रोड व आउटर बाईपास पर यह जमीन स्थित है। मंगलवार को एनडीआरएफ टीम को जेल रोड के बाई तरफ और डोभ रोड पर स्थित जमीन को केंद्र निर्माण के लिए दिखाया गया। इस मौके पर एनडीआरएफ आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला व अन्य अधिकारियों ने मुआयना किया है। अभी निर्माण के लिए जगह चिह्नित नहीं की गई है।
क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को एनडीआरएफ आईजी ने मौके का मुआयना किया। करीब चार एकड़ में केंद्र का निर्माण किया जाएगा। जिस जगह को निर्माण के लिए उपयुक्त माना जाएगा उसे फाइनल कर जमीन खरीदने का काम किया जाएगा। केंद्र स्थापित होने से आसपास के क्षेत्र में आपदा के समय बेहतर व जल्दी सुविधा मुहैया करवाने में आसानी रहेगी। केंद्र को जल्द से जल्द बनाने पर जोर दिया जा रहा है। -संतोष कुमार, कमांडेंट, सातवीं एनडीआरएफ, बठिंडा।